मध्यप्रदेशराज्य

सीएम मोहन यादव ने की विक्रम विश्वविद्यालय का नाम बदलने की घोषणा!

दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और हार्टफुलनेस संस्थान के संस्थापक कमलेश पटेल को विश्वविद्यालय द्वारा डी. लिट् की उपाधि से अलंकृत किया गया। इसके बाद 99 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक, 2 शोधार्थियों को डी. लिट् और 70 शोधार्थियों को शोध उपाधियां प्रदान की गईं।

विक्रम विश्वविद्यालय लगातार ऊंचे मुकाम हासिल कर रहा है। लेकिन, मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि जल्द ही इसके नाम में बदलाव किया जाएगा। अब इसे विक्रम विश्वविद्यालय की बजाय सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाएगा। साथ ही, माधव विज्ञान महाविद्यालय के परिसर में आने वाले समय में एक और विशाल सभागार बनाया जाएगा। यह बात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय नववर्ष की प्रतिपदा के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विक्रम विश्वविद्यालय के 29वें दीक्षांत समारोह में कही। इस समारोह का आयोजन विक्रम विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में किया गया था।

दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सर्वप्रथम कार्यक्रम स्थल पर आगमन किया और शोधार्थियों के साथ समूह चित्र खिंचवाया। इसके बाद शोभायात्रा निकाली गई। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार, सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेशनाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा और हार्टफुलनेस संस्थान, हैदराबाद के संस्थापक पद्मभूषण कमलेश डी पटेल शामिल हुए। समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान और विश्वविद्यालय के कुलगान के साथ हुई। अतिथियों द्वारा मां वाग्देवी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।

दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और हार्टफुलनेस संस्थान के संस्थापक कमलेश पटेल को विश्वविद्यालय द्वारा डी. लिट् की उपाधि से अलंकृत किया गया। अतिथियों द्वारा विश्वविद्यालय से प्रकाशित तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। इसके बाद वर्ष 2024 के स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के 99 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक, 2 शोधार्थियों को डी. लिट् एवं 70 शोधार्थियों को शोध उपाधियां प्रदान की गईं। उपाधि प्रदान करने के पश्चात कुलगुरु ने सभी उपाधि प्राप्तकर्ताओं को उपदेश दिया और शपथ दिलाई। इसके बाद विक्रम विश्वविद्यालय और हार्टफुलनेस संस्थान के बीच एमओयू का आदान-प्रदान किया गया।

डॉ. यादव बोले- शोधार्थी विश्व पटल पर प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिन विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई है, वे अपनी प्रतिभा का उपयोग अभीष्ट उद्देश्य की प्राप्ति के लिए करें। समाज सेवा और राष्ट्र सेवा को प्राथमिकता दें। भविष्य की अपार संभावनाएं आपका इंतजार कर रही हैं। हमारे शोधार्थी विश्व पटल पर अपने शहर, राज्य और देश का नाम रोशन करें।

Related Articles

Back to top button