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सेना की शौर्य गाथा से सजे विश्व के सबसे बड़े पुस्तक मेले का आगाज आज

भारत मंडपम में शनिवार से किताबों के सबसे बड़े उत्सव का आगाज हो रहा है। इस बार मेले में किताबों के साथ भारतीय सशस्त्र सेनाओं की गौरव गाथा गूंजेगी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सुबह 11 इसका उद्घाटन करेंगे। इस बार की विश्व पुस्तक मेले की थीम भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं प्रज्ञा @75 है, जो आजादी के 75 साल में भारतीय सशस्त्र सेनाओं, थल सेना, नौसेना और वायुसेना के अदम्य साहस, बलिदान और राष्ट्र निर्माण में योगदान को समर्पित है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री मेले के साथ थीम पवेलियन का भव्य उद्घाटन भी करेंगे। इस अवसर पर गेस्ट ऑफ ऑनर देश कतर और फोकस कंट्री स्पेन के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।

पहली बार मेले में प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा, जिससे लाखों पाठक, छात्र और परिवार आसानी से शामिल हो सकेंगे। 10 से 18 जनवरी तक चलने वाले इस नौ दिवसीय मेले में 35 से अधिक देशों के 1000 से ज्यादा प्रकाशक, 3000 से ज्यादा स्टॉल और 600 से ज्यादा साहित्यिक कार्यक्रम होंगे।

हॉल नंबर 5 में बनाए गए भव्य थीम पवेलियन में युद्ध और सैन्य इतिहास से जुड़ी 500 से ज्यादा किताबें, वॉर थीम मूवी क्लिप्स, पोस्टर और डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित होंगी। अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत और तेजस लड़ाकू विमान के मॉडल इस पवेलियन का खास आकर्षण होंगे।

थीम पवेलियन को करीब 1000 वर्ग मीटर क्षेत्र में 360 डिग्री अनुभव के तौर पर तैयार किया गया है। यहां 1947 से लेकर आज तक के प्रमुख युद्ध, सैन्य अभियान और रणनीतिक फैसलों की जानकारी दी जाएगी। 21 परमवीर चक्र विजेताओं को समर्पित विशेष सेक्शन होगा। वॉर एक्सपर्ट, रक्षा विशेषज्ञ और पूर्व सैन्य अधिकारी युवाओं से सीधे संवाद करेंगे, ताकि नई पीढ़ी को देश की सैन्य विरासत से जोड़ा जा सके।

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) और इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (आईटीपीओ) द्वारा आयोजित 53वां नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 10 से 18 जनवरी तक भारत मंडपम में होगा। खास बात यह है कि इस बार मेले में पहली बार एंट्री पूरी तरह फ्री रखी गई है। न टिकट होगा और न ही किसी तरह का रजिस्ट्रेशन। आयोजकों का मानना है कि इससे ज्यादा से ज्यादा लोग किताबों से जुड़ सकेंगे, खासकर युवा और नई पीढ़ी।

20 लाख लोगों के स्वागत की तैयारी
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनबीटी के डायरेक्टर युवराज मलिक ने बताया कि इस बार करीब 3000 से ज्यादा बुक स्टॉल लगाए जाएंगे और 35 से ज्यादा देशों के 1000 से अधिक प्रकाशक मेले में हिस्सा लेंगे। मेले के दौरान 600 से ज्यादा कार्यक्रम होंगे और 1000 से अधिक लेखक, वक्ता और विशेषज्ञ अलग-अलग विषयों पर चर्चा करेंगे। अनुमान है कि करीब 20 लाख से ज्यादा लोग मेले में पहुंचेंगे।

कतर की संस्कृति, हैंडीक्राफ्ट होंगे खास
इस बार कतर गेस्ट ऑफ ऑनर कंट्री और स्पेन फोकस कंट्री रहेगा। कतर पवेलियन में वहां की संस्कृति, हैंडीक्राफ्ट, म्यूजिक और डांस की झलक देखने को मिलेगी। खास तौर पर कतर में रहने वाले भारतीय समुदाय की भूमिका को भी यहां दिखाया जाएगा। स्पेन और अन्य देशों के लेखक, प्रकाशक और सांस्कृतिक संस्थान भी मेले में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

मेले में जाने के लिए ये जानना जरूरी
विश्व पुस्तक मेला रोज सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहेगा। -मेले में प्रवेश के लिए गेट 10 (मथुरा रोड की तरफ, प्रगति मैदान (सुप्रीम कोर्ट) मेट्रो स्टेशन से सीधा जुड़ा हुआ – सिर्फ 5 मिनट की पैदल दूरी), गेट 3, 4 (भैरों रोड की तरफ), गेट 6 (मथुरा रोड) -कार पार्किंग भारत मंडपम के अंदर बेसमेंट और ओपन, सरफेस पार्किंग है।

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