
पहाड़ों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। अंबाला की टांगरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और यह 8 फीट के खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी है। सिंचाई विभाग के अनुसार, जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और आसपास के डीएवी रिवर साइड सहित कई स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं।
हरियाणा के ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज ने टांगरी नदी के आसपास के क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि नदी के किनारे बसी कॉलोनियों के लोगों को जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। साथ ही, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। टांगरी बांध पर सिंचाई विभाग और पुलिस की टीमें तैनात हैं, जो लगातार जलस्तर पर नजर रख रही हैं।
यमुना के जलस्तर बढ़ने से फिर खुले 18 गेट, नदी का जलस्तर 50 हजार क्यूसेक को कर गया पार
यमुनानगर के साथ उगते उत्तराखंड के पहाड़ों पर भारी बारिश होने से यमुना नदी पर बने हथिनी कुंड बैराज का एकाएक जलस्तर बढ़ गया। ऐसे में शुक्रवार को यमुना नदी का जलस्तर 50 हजार क्यूसेक को पार कर 67,034 क्यूसेक दर्ज किया गया। इसमें यमुना में 58,514, पश्चिमी यमुना में 7010 व पूर्वी यमुना में 1510 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
उधर, जलस्तर बढ़ने पर फिर से बैराज के 18 गेट खोल दिए गए और पानी को दिल्ली की तरफ डायवर्ट कर दिया गया। ऐसे में दिल्ली में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। उधर, सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है जिले के साथ लगते कैचमेंट एरिया में भारी बारिश हो रही है, ऐसे में यमुना नदी का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा बैराज के कर्मचारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के लिए आदेश दिए गए हैं। साथ ही हर घंटे बैराज पर जलस्तर की उपस्थिति दर्ज होने के बाद रिपोर्ट देने की बात कही गई है।