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हरियाणा में IMT विकास में बाधा, जमीन की कमी बड़ी रुकावट…

हरियाणा सरकार ने पिछले दिनों 10 नई आई. एम. टी. बनाने की घोषणा की थी लेकिन इस घोषणा को सिरे चढ़ाने में जमीन की कमी आड़े आ रही है। ऐसे में सरकार इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए आई.एम.टी. के जमीनी क्षेत्रफल में कटौती करने पर विचार कर रही है। जमीन की कमी के चलते आई.एम.टी. का क्षेत्रफल 1500 की बजाय 1200 एकड़ तक किया जा सकता है।

हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने वर्ष 2030 तक औद्योगिक विकास को और तेज करने के लिए 10 नई आई.एम.टी. स्थापित करने की घोषणा की थी, जिनमें से 5 आई.एम.टी. को स्वीकृति मिल चुकी है और उन्हें विकसित करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। पिछले वर्ष उद्योग विभाग के बजट में 125 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी और आगामी बजट में इस वृद्धि को और आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित 10 में से 3 आई.एम.टी. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में विकसित की जाएंगी जिनकी धुरी के.एम.पी. एक्सप्रेस-वे रहेगा।

किसानों के साथ जमीन के रेट पर बात बनते ही प्रक्रिया होगी तेज
किसानों द्वारा आई.एम.टी. के लिए अपनी जमीन के कई-कई गुणा तक दाम मांगने की वजह से आई. एम.टी. बनाने की परियोजनाएं अभी तक पूरी नहीं हो पाई हैं। कई आई. एम टी. के लिए किसान जमीन के रेट कलैक्टर रेट से 6 से 8 गुना तक मांग रहे हैं। प्रदेश सरकार इन किसानों से जमीन का वास्तविक मर्मोल भाव करने में जुटी है। किसानों के साथ जमीन के रेट की बात बनते ही आई.एम.टी. बनाने की प्रक्रिया में तेजी आ सकेगी।

सरकार ने ई-भूमि पोर्टल शुरु किया
हरियाणा की भाजपा सरकार की योजना है कि किसानों की मर्जी के विना उनकी जमीन अधिगृहीत नहीं की जाएगी। सरकारी विकास परियोजनाओं के लिए किसानों से वाजार भाव पर जमीन खरीदने की योजना पूर्व मुख्यमत्री मनोहर लाल ने आरंभ की थी जिसे मौजूदा मुख्यमंत्री नायव सैनी भी आगे बढ़ा रहे है। किसानों द्वारा जमीन वेचने की पेशकश के लिए सरकार ने ई-भूमि पोर्टल आरंभ कर रखा है। इस पोर्टल पर किसान अपनी जमीन वेचने की पेशकश करते है और वहीं पर रेट वताते हैं। सरकार को रेट ठीक लगते हैं तो जमीन खरीद ली जाती है अन्यथा ज्यादा दाम मांगने की स्थिति में मोलभाव करने का विकल्प खुला रहता है।

कांग्रेस सरकार की भांति अब जमीन का अलॉटमेंट या अधिग्रहण नहीं होताः राव नरबीर
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार की भांति अब जमीन का अलॉटमेंट या अधिग्रहण नहीं होता बल्कि भाजपा सरकार किसानों से जमीन खरीदती है। यदि किसी उद्योगपति तो कोई सरकार से चाहिए तो उसे भी बोली देकर जमीन खरीदनी होगी। हरियाणा में 10 आई.एम.टी. बननी हैं। इनमें से 6 पर तेजी से काम चल रहा है। राज्य में जमीन काफी महंगी है। इसकी एक वजह यह है कि हरियाणा बिल्कुल दिल्ली के नजदीक है। साथ ही राज्य की जमीन काफी उपजाऊ है।

5 नए शहर दिल्ली में बढ़ते जनसंख्या दबाव को भी कम करेंगे
राव नरबीर सिंह ने कहा कि लगभग 135 किलोमीटर लंबा कुंडली-मानेसर-पलवल (के.एम.पी.) एक्सप्रेसवे हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एच.एस.आई.आई.डी.सी.) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपत्ति है। वर्ष 2031 की संभावित जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसके दोनों ओर 5 नए शहर विकसित करने के उद्देश्य से पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन किया है। विकसित किए जाने वाले 5 नए शहर ‘विकसित भारत’ के आकर्षण केंद्र बनेंगे और दिल्ली में बढ़ते जनसंख्या दबाव को भी कम करने में सहायक सिद्ध होंगे।

मुख्यमंत्री सैनी ने पिछले बजट में की थी घोषणा
हरियाणा के वित्त मंत्री के नाते मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पिछले बजट में 10 आई.एम.टी. बनाने की घोषणा की थी। इनमें से अम्बाला, यमुनानगर, रेवाड़ी, पलवल, फरीदाबाद और जींद में आई.एम.टी. बनाने की प्रक्रिया आरंभ की जा चुकी है। अम्बाला जिले में 2 आई.एम.टी. बननी प्रस्तावित हैं, जो कि एक मुख्यमंत्री नायब सैनी के पुराने विधानसभा क्षेत्र नारायणगढ़ में बननी प्रस्तावित है। अम्बाला व यमुनानगर की आई.एम.टी. बनाने की प्रक्रियाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं, जबकि बाकी आई.एम.टी. के लिए जमीन के अधिक रेट बड़ी बाधा बने हुए हैं। महेंद्रगढ़ के खुडाना में जमीन नहीं मिल पाई, जिस कारण आई.एम.टी. का प्रस्ताव अभी लटका हुआ है।

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