
हरियाणा जिले के दो सरकारी स्कूल ऐसे है, जिनमें पहली से 5वीं कक्षा तक पढ़ने वाले कुल 143 बच्चों के लिए एक भी शौचालय नहीं है। खास बात है कि इनमें 88 लड़कियां शामिल है। जिन्हें बाहर जाकर शर्मसार होना पड़ता है। विडंबना यह है कि इन दो स्कूलों में से एक पर तो माडल का तमगा तक लगा है, लेकिन अंदर बच्चों के लिए एकमात्र शौचालय नहीं है।
पहला नियाणा स्थित राजकीय कन्या माडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल है और दूसरा भेरी अकबरपुर स्थित राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल है। यह मामला तब उजागर हुआ जब शिक्षा निदेशालय के सीनियर सेकेंडरी निदेशक जितेंद्र दहिया ने जिले के सरकारी स्कूलों में शौचालय की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी।
यह रिपोर्ट देकर आला अधिकारी इतने खफा हुए कि उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकारा। साथ ही एक टूक में स्पष्ट कर दिया कि हर हाल में 8 मार्च तक उपरोक्त दोनों स्कूलों में शौचालय नए बन जाए और रिपोर्ट भेजे।
केस- 1
नियाणा स्थित राजकीय कन्या माडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल में पहली से 5वीं कक्षा में कुल 101 विद्यार्थी पढ़ते है। खास बात है कि लड़कियों का स्पेशल स्कूल होते हुए भी यहां लड़के पढ़ते है। 38 लड़के और 63 लड़कियां इस स्कूल में पढ़ते है। करीब तीन साल से उपरोक्त स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए एक भी शौचालय की व्यवस्था नहीं है।
केस- 2
भेरी अकबरपुर स्थित राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल में पहली से 5वीं कक्षा में कुल 42 विद्यार्थी पढ़ते है। विशेषकर लड़कियों का स्कूल होने पर भी उपरोक्त स्कूल में लड़के भी पढ़ते है। 17 लड़के और 25 लड़कियां इस स्कूल में पढ़ते है। लेकिन करीब दो साल से इनके लिए एक भी शौचालय नहीं है।
अधिकारियों ने हाई कोर्ट में जमा किए थे शपथ पत्र
बीते एक साल पहले हाई कोर्ट ने सरकारी स्कूलों में चार मानकों पर बीइओ से शपथ पत्र जमा करवाएं थे। जिनमें बिजली, पानी, रैंप और शौचालय होने का अधिकारियों की तरफ से दावा किया था और सुचारू रूप से काम करने का भरोसा भी दिलाया गया। लेकिन एक साल बाद स्थिति फिर से खराब हो गई। आलम यह रहा कि अभी भी स्कूलों में शौचालयों की हालत खस्ता है।
यह है नियम
शिक्षण संस्थान में चार मूलभूत सुविधाएं का होना अनिवार्य है। अगर इनमें से एक भी मानक में किसी तरह की कमी है तो संबंधित अधिकारियों व मुखिया पर विभागीय कार्रवाई संभव है।
आला अधिकारी ने वीसी के जरिए मीटिंग ली थी। जिसमें हमसे 8 मार्च तक रिपोर्ट मांगी है। उसने समग्र शिक्षा को आदेश जारी कर दिए है कि वे शौचालयों को लेकर कदम उठाए। तय समय पर स्थिति को अपडेट कर दिया जाएगा। – वेद सिंह दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार




