
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की मुख्य परीक्षा-2026 के सफल, पारदर्शी और सुचिता पूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार को बोर्ड ऑडिटोरियम में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बोर्ड प्रशासक एवं संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने की। इसमें संयुक्त निदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी, संदर्भ अधिकारी और विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।
राठौड़ ने कहा कि बोर्ड परीक्षाएं लाखों विद्यार्थियों के भविष्य का निर्धारण करती हैं, इसलिए परीक्षा संचालन में पूर्ण निष्ठा, सतर्कता, गोपनीयता और निष्पक्षता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर की गई छोटी चूक भी पूरी परीक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा सकती है, इसलिए परीक्षा समाप्ति तक निरंतर सजगता जरूरी है।
उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा केन्द्रों का चयन अत्यंत सतर्कता से किया जाए। जिन जिलों में परीक्षा संचालन चुनौतीपूर्ण है, वहां पुलिस प्रशासन के सहयोग से अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। राठौड़ ने स्पष्ट कहा कि अनुचित साधनों का प्रयोग किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
19.86 लाख छात्र होंगे परीक्षा में शामिल
बोर्ड सचिव गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में कुल 19 लाख 86 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। इनमें माध्यमिक परीक्षा में 10,68,078 परीक्षार्थी, उच्च माध्यमिक परीक्षा में 9,09,087 परीक्षार्थी, प्रवेशिका परीक्षा में 7,811 परीक्षार्थी और वरिष्ठ उपाध्याय में 4,122 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
उन्होंने परीक्षाओं को एक महायज्ञ बताते हुए कहा कि प्रश्न पत्र निर्माण से लेकर वितरण, परिवहन, सुरक्षा और संग्रहण तक सभी चरणों में पूर्ण सावधानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। बोर्ड सचिव ने बताया कि बोर्ड की सभी परीक्षाएं 12 फरवरी से प्रारंभ होंगी तथा समय सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक रहेगा।
विशेषाधिकारी नीतू यादव ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारियों की अनुशंसा पर 30 केन्द्र संवेदनशील और 20 केन्द्र अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं। इन केन्द्रों पर उड़नदस्ते, पेपर कोऑर्डिनेटर और माइक्रो ऑब्जर्वर की तैनाती की जाएगी। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी नियुक्त अधिकारी के विरुद्ध जांच लंबित न हो।
संवेदनशील केन्द्रों और संग्रहण केन्द्रों पर सीसीटीवी और वेबकास्टिंग के जरिए सतत निगरानी रहेगी। प्रश्न पत्रों की सुरक्षा और गोपनीयता की जिम्मेदारी जिला परीक्षा संचालन समिति की होगी।
मुख्य परीक्षा नियंत्रक राजेश निर्वाण ने कहा कि प्रश्न पत्रों के मिलान, परिवहन, परीक्षा कक्ष तक ले जाने, वीक्षकों एवं परीक्षार्थियों के सत्यापन, अतिरिक्त उत्तर पुस्तिकाओं की उपलब्धता और अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए सख्त उपाय लागू किए जाएंगे। सभी प्रक्रियाओं की वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी। उन्होंने बताया कि परीक्षा अवधि में नियंत्रण कक्ष 24 घंटे अवकाश दिवसों सहित संचालित रहेगा। किसी जिले में स्थानीय अवकाश होने पर भी बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम यथावत रहेगा।
कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक राजीव चतुर्वेदी ने किया। इस अवसर पर वित्तीय सलाहकार कृष्णपाल सिंह, निदेशक प्रशासन राजेन्द्र प्रसाद पारीक, निदेशक गोपनीय गीता पलासिया, सहायक निदेशक शिवप्रकाश सोनी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।





