झारखंडराज्य

1343 में कितनी शराब दुकानें होंगी सरेंडर, आज हो जाएगा क्लियर

राज्य में खुदरा शराब की 1343 दुकानों में कितनी दुकानें सरेंडर होगी, वह शनिवार की शाम तक स्पष्ट हो जाएगा। इन शराब दुकानों के नवीनीकरण के लिए लाइसेंस शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख सात फरवरी है।

इस तिथि तक जिन दुकानों के लिए लाइसेंस शुल्क जमा नहीं होगा, उन्हें सरेंडर माना जाएगा। शनिवार की शाम तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि वैसी दुकानें 31 मार्च के बाद झारखंड राज्य बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) के अधीन चली जाएंगी।

अब जेएसबीसीएल उन दुकानों की फिर से बंदोस्ती के लिए लाटरी प्रक्रिया शुरू करेगा। लाटरी के माध्यम से दुकानों की बंदोबस्ती नहीं होने पर जेएसबीसीएल उन दुकानों का संचालन स्वयं करेगा।

राज्य में देसी व कंपोजिट शराब दुकानों की कुल संख्या 1343 है। इनमें 159 दुकानें देसी शराब की हैं और शेष 1184 कंपोजिट शराब की दुकानें हैं। एक सितंबर 2025 से ये सभी दुकानें निजी हाथों से संचालित हो रही हैं।

सात महीने के बाद भी प्लेसमेंट एजेंसियों पर देनदारी तय नहीं कर सका उत्पाद विभाग
पूर्व की उत्पाद नीति के दौरान झारखंड राज्य बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) की ओर से शराब दुकानों का संचालन कराया जाता था। जेएसबीसीएल ने प्लेसमेंट एजेंसियों से आपूर्ति कराए गए मैनपावर से दुकानों का संचालन कराया। इसके बाद आरोप-प्रत्यारोप भी खूब लगा।

जेएसबीसीएल ने मैनपावर आपूृर्ति एजेंसियों पर शराब बिक्री के रुपयों के गबन का आरोप लगाया तो प्लेसमेंट एजेंसियों ने भी जेएसबीसीएल पर बकाया भुगतान नहीं करने का आरोप मढ़ा।

एक जुलाई से राज्य की सभी दुकानें जेएसबीसीएल के माध्यम से संचालित की गईं। सात माह पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब तक उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की ओर से प्लेसमेंट एजेंसियों पर बकाया देनदारी तय नहीं किया जा सका है।

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