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दिल्ली: रोबोटिक इंवेंटरी सिस्टम लगाने पर काम कर रहा एम्स

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से चिकित्सा सुविधा में बदलाव ला रहा एम्स अब रोबोट से दवा पहुंचाएगा। इसके लिए एम्स ने स्टोर में दवाओं के भंडारण, वितरण और प्रबंधन के लिए स्वचालित रोबोटिक इंवेंटरी सिस्टम लगाने का फैसला लिया है। उम्मीद है कि 1 साल में यह सुविधा शुरू हो सकती है। दावा किया जा रहा है कि यह देश का पहला सरकारी संस्थान है जहां इस तरह की सुविधा होगी। हालांकि, इससे पहले दक्षिण भारत के कुछ निजी अस्पतालों में ऐसी सुविधा उपलब्ध होने की बात सामने आई है। सुविधा शुरू होने के बाद इसकी मदद से वार्ड में मरीजों को दवा आसानी से पहुंचाई जा सकेगी।

मिली जानकारी के मुताबिक, एम्स के न्यू प्राइवेट वार्ड-तीन के बेसमेंट में दवा स्टोर विकसित कर स्वचालित रोबोटिक इंवेंटरी सिस्टम लगाया जाना है। यह पूरी प्रक्रिया एक ऑनलाइन सॉफ्टवेयर सिस्टम से लिंक होगी। इसमें रोबोटिक लिफ्ट होंगे जो स्टोर में दवा को रखने और वार्डों में दवा की मांग की आपूर्ति करने का काम करेगी।

इस रोबोटिक सिस्टम की मदद से रोजाना करीब ढाई सौ ऑर्डर को पूरा किया जा सकेगा। दवा स्टोर व वार्ड में नर्सिंग स्टेशन पर एक डैशबोर्ड भी होगा। जहां दवा के स्टॉक, दवा की मांग, दवा जारी होने व दवा की लंबित मांग की जानकारी रियल टाइम में प्रदर्शित होगी। बता दें कि एम्स में केंद्रों के पास अपना अलग-अलग दवा का स्टोर है। इसे सेंट्रलाइज करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

ऐसी सूचना मिली है कि कार्डियक न्यूरो सेंटर (सीएनसी) व कई ब्लॉक के वार्ड में रोबोटिक सिस्टम व कंवेयर बेल्ट के जरिये दवा पहुंचाई जाएगी। इसे मिली जानकारी के मुताबिक यह पूरा सिस्टम ऑनलाइन होगा। इससे दवा देने को लेकर कोई गलती होने की आशंका पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।बता दें कि एम्स में करीब 3000 बिस्तरों की सुविधा है यहां हमेशा मरीज बिस्तर खाली रहने के अभाव में वेटिंग पर रहते हैं।

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