
हरियाणा में इन दिनों गेहूं की बुवाई के लिए आवश्यक डीएपी खाद के अभाव से किसान परेशान हैं। रविवार को सोसायटी की सरकारी दुकान पर डीएपी के वितरण की खबर मिलने पर सुबह 6 बजे ही किसानों की लंबी कतारें लग गईं। डीएपी की भारी मांग के बावजूद केवल 900 बैग ही पहुंचे, जिसके कारण एक किसान को आधार कार्ड दिखाने पर केवल 6 बैग ही मिल रहे हैं।
करवा चौथ के त्यौहार के दिन भी महिलाएं लाइन में लगी रहीं, क्योंकि बुवाई का समय नजदीक है और किसानों को तत्काल खाद की आवश्यकता है। सोसायटी के सेल्समैन सत्यवीर ने बताया कि सीमित मात्रा में डीएपी उपलब्ध होने के कारण, हर किसान को 6 बैग दिए जा रहे हैं। इससे किसानों की समस्याएं और बढ़ गई हैं, क्योंकि यह मात्रा उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
जींद में लाइन में खड़े किसानों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हर साल बुवाई के समय यही स्थिति बनती है। उन्होंने मांग की कि उन्हें उनकी जरूरत के अनुसार डीएपी उपलब्ध कराया जाए ताकि समय पर गेहूं की बुवाई हो सके। इससे पहले सरसों की फसल के दौरान भी किसानों को यूरिया प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था।