उत्तरप्रदेशराज्य

बई में बैठे साइबर ठगों को एजेंट बेच रहे बैंक खाते, नेपाल का सरगना…पूछताछ में बड़ा खुलासा

दिल्ली में एजेंट बनाकर विदेशी साइबर ठगों के लिए खाते खुलवाने वाले नेपाल के प्रेम साउद उर्फ प्रेम बहादुर के तार कबूतरबाज गिरोह से भी जुड़े हैं। वह प्लेसमेंट एजेंसी की आड़ में खाड़ी देशो में मजदूर लेकर जाता था। इसके बदले में मोटी रकम लेता था। दुबई में अपने मित्रों के संपर्क में आने के बाद साइबर ठगों का एजेंट बन गया। खाते खुलवाने पर उसे रकम का 20 से 25 प्रतिशत मिलता था।

साइबर क्राइम थाना प्रभारी ने बताया कि मूलरूप से कैलाली, नेपाल निवासी प्रेम साउद स्नातक पास है। वह नेपाल में होटल चलाता है। वर्ष 2015 में भारत आया था। तब से दिल्ली में रह रहा था। उसने प्लेसमेंट एजेंसी खोली थी। वह लोगों को विदेश में नाैकरी दिलाने का झांसा देता था। आरोपी से पूछताछ में पता चला कि खाड़ी देशों में मजदूर को लेकर जाने लगा। उसके नेपाल के दो मित्र हैरी और एलेक्स दुबई में रहते हैं। वह उनके संपर्क में आ गया।

वर्ष 2020 कोरोना लगने के बाद उसका काम बंद हो गया। उसके मित्र साइबर गिरोह का नेटवर्क चलाते हैं। प्रेम साउद भी उनसे जुड़ गया। वह दिल्ली में ऐसे लोगों की तलाश में रहता था, जिनको रुपयों की जरूरत होती थी। उनसे कागजात लेकर बैंक खाते कर्मचारियों की मदद से खुलवाता था। इसके बाद टेलीग्राम के माध्यम से साइबर ठगों को खाते की जानकारी भेज देता था। इसके बदले में उसे 20 प्रतिशत तक रकम मिलती थी।

 टीम लीडर है फर्रुखाबाद का अश्वनी
गिरफ्तार आरोपी फर्रुखाबाद का अश्वनी आईडीएफसी बैंक दिल्ली में टीम लीडर था। वह खातों को खुलवाने के लिए प्रेम साउद की मदद करता था। बिना सत्यापन के खाते खुलवा देता था। इसके बदले 2 से 5 हजार रुपये लेता था। गाजियाबाद निवासी इमरान का मेरठ में मेडिकल स्टोर है। पहले भाई दुकान चलाता था। मगर, उसकी माैत हो गई। इमरान काम करने लगा। मगर, उसे ज्यादा फायदा नहीं हो रहा था। इसलिए अपना खाता दे दिया। अकेले इमरान के खाते से दो महीने में 10 लाख रुपये रकम जमा कराकर ट्रांसफर की गई। वहीं अकबर मजदूरी करता है। वह अपने 10 खाते गिरोह की मदद से खुलवा चुका है। इसी तरह रवि भी एकाउंट खुलवाया करता था।

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