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जवाबी टैरिफ पर यूटर्न लेंगे ट्रंप? भारत-अमेरिका की बैठक में बनी बात

भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौता (बीटीए) की शुरुआत को लेकर अमेरिकी सरकार के अधिकारियों के साथ पिछले तीन दिनों से चल रही वार्ता सकारात्मक माहौल में समाप्त हो गई।

वार्ता में यह तय हुआ कि अगले सप्ताह से व्यापार से जुड़े प्रत्येक सेक्टर के दोनों देशों के विशेषज्ञ वर्चुअल रूप से बैठक करेंगे, ताकि बीटीए को आगे ले जाने का रास्ता साफ हो सके। इसके साथ ही अब अमेरिका की तरफ से आगामी दो अप्रैल से भारत पर पारस्परिक शुल्क नीति लागू करने की संभावना काफी कम होती दिख रही है।

व्यापार बढ़ाने पर बनी थी सहमति
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान ट्रंप सरकार ने दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार को वर्ष 2030 तक 500 अरब डॉलर तक ले जाने की घोषणा की थी। फिलहाल दोनों देशों के बीच वस्तु व सर्विस को मिलाकर 190 अरब डॉलर का व्यापार किया जाता है।

इस घोषणा के बाद वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल बीटीए पर वार्ता शुरू करने के मामले को लेकर अमेरिका दौरे पर गए थे। उसके बाद बीटीए वार्ता के लिए भारत आए अमेरिका के सरकारी अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल से गत 26 मार्च से वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में बातचीत चल रही थी।

शुल्क में कमी कराने की कोशिश में भारत
वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के मुताबिक वार्ता में विभिन्न सेक्टर पर दोनों देशों में लगने वाले शुल्क में अपनी-अपनी सहूलियत के हिसाब से बदलाव, कई वस्तुओं के लिए बाजार को अधिक सुगम बनाने और आपसी सप्लाई चेन स्थापित करने के मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। बताया गया कि दोनों देश एक-दूसरे के हित को देखते हुए आपसी रजामंदी के साथ व्यापारिक समझौते के लिए आगे बढ़ रहे हैं।

इस साल बीटीए के पहले चरण को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। दोनों देशों के बीच इस सफल वार्ता के बाद यह माना जा रहा है कि अमेरिका अब भारत पर पारस्परिक शुल्क नहीं लगाकर बीटीए के तहत भारत से शुल्क में कमी कराने की कोशिश करेगा। वैसे भी भारत ने चालू वित्त वर्ष के लिए पिछले साल जुलाई में पेश होने वाले बजट में ही अमेरिका से आने वाली बाइक, दवा जैसे कई आइटम पर शुल्क में कटौती कर दी थी।

भारत के रुख से साफ है कि अभी अमेरिका से आने वाली कई अन्य वस्तुओं के शुल्क में कटौती की जा सकती है जो भारत के व्यापारिक हित में भी है। क्योंकि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है और वैश्विक व्यापारिक परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य में अमेरिका में भारत को अपने निर्यात बढ़ाने की बड़ी गुंजाइश दिख रही है।

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