मध्य प्रदेश: फुटबॉल खिलाड़ियों को जर्मनी में मिलेगा प्रशिक्षण…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के विचारपुर गांव का उल्लेख करते हुए स्थानीय खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी दी। प्रधानमंत्री ने बताया कि जर्मनी के एक फुटबॉल कोच ने शहडोल के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने की इच्छा जताई है। इसके तहत जल्द ही यहां के चार खिलाड़ी जर्मनी की एक अकादमी में ट्रेनिंग के लिए भेजे जाएंगे।
पॉडकास्ट से शुरू हुई नई राह
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि हाल ही में उन्होंने विश्व प्रसिद्ध पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ बातचीत में विचारपुर के फुटबॉल खिलाड़ियों की मेहनत और संघर्ष का जिक्र किया था। इस पॉडकास्ट को सुनने के बाद जर्मनी के फुटबॉल कोच डायटमार बेयर्सडॉर्फर खिलाड़ियों की कहानी से प्रभावित हुए और उन्होंने भारतीय दूतावास से संपर्क कर प्रशिक्षण देने की पेशकश की।
सरकार करेगी खर्च, अक्तूबर में होगी रवानगी
मध्य प्रदेश सरकार ने इस दिशा में तेजी से कदम उठाए हैं। तय हुआ है कि शहडोल के चार युवा खिलाड़ी, जिनमें दो बालक और दो बालिकाएं शामिल होंगी, अक्तूबर में जर्मनी जाएंगे। खिलाड़ियों के साथ एक प्रशिक्षक भी भेजा जाएगा। सभी का चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नाम घोषित किया जाएगा। सरकार इसके लिए पूरा खर्च वहन करेगी।
‘मिनी ब्राजील’ की पहचान से अंतरराष्ट्रीय मंच तक
विचारपुर गांव को फुटबॉल के प्रति जुनून के कारण ‘मिनी ब्राजील’ कहा जाता है, जिसने हाल के वर्षों में खेल जगत में खास पहचान बनाई है। यहां के खिलाड़ी अपने संघर्ष और समर्पण से न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित कर चुके हैं। अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
खिलाड़ियों और समुदाय में खुशी की लहर
इस पहल का स्वागत पूरे क्षेत्र में उत्साह के साथ किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ खिलाड़ियों ही नहीं बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। सहायक संचालक खेल और एनआईएस फुटबॉल कोच रईस अहमद ने कहा कि हमारे लिए गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने ‘मन की बात’ में विचारपुर का दोबारा नाम लिया। उनकी वजह से जर्मनी तक यह जानकारी पहुंची और अब हमारे खिलाड़ी वहां प्रशिक्षण पाएंगे।
शहडोल के लोगों का मानना है कि यह अवसर यहां की फुटबॉल संस्कृति को नई दिशा देगा। खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और आने वाले समय में क्षेत्र से और भी प्रतिभाएं सामने आएंगी। प्रधानमंत्री द्वारा इस पहल का उल्लेख किया जाना इसे और विशेष बना देता है, क्योंकि इससे न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा है बल्कि पूरे समुदाय में गर्व और उम्मीदों की लहर दौड़ गई है।