
पंजाब में सात साल बाद जिला परिषद व पंचायत समिति के चुनाव होंगे। ग्रामीण इलाका पूरी तरह से सियासी रंग में रंग जाएगा। सभी सियासी दल इस चुनाव में अपना दम दिखाने को बेताब हैं। यह चुनाव देहाती इलाकों में दलों की सियासी नब्ज टटोलेंगे। सूबे के ग्रामीण अंचलों में बसे 1 करोड़ 36 लाख 4 हजार 650 मतदाताओं पर किस दल की कितनी पकड़ है। इन चुनावों के नतीजे यह तय करेंगे।
पंजाब में विधानसभा के चुनाव हों या लोकसभा के, सूबे की देहाती सियासत इन चुनावों में बड़ा दखल व असर रखती है। इसलिए इन चुनावों के नतीजे यह तय करेंगे कि फरवरी 2027 में प्रस्तावित पंजाब के विधानसभा चुनाव से पहले किस दल की कितनी तैयारी है। हालांकि इस बार चुनाव प्रक्रिया 17 दिन में संपन्न हो जाएगी। प्रचार के लिए बमुश्किल एक हफ्ता मिलेगा, लिहाजा दलों को ज्यादा जोरआजमाइश करनी होगी।
साल 2018 के चुनावों की बात करें तो इन चुनावों में कांग्रेस को बढ़त मिली थी, उस वक्त सूबे में कांग्रेस की सरकार थी। फिर भी कई क्षेत्रों में शिअद के उम्मीदवार भी जीते थे। आम आदमी पार्टी एक संघर्षशील पार्टी के रूप में उभर रही थी मगर आज चुनावी परिदृश्य कुछ अलग है। सत्ता में आप की सरकार है। सूबे के कांग्रेसियों में मनमुटाव की स्थिति है। शिअद बिखर चुकी है और भाजपा की सियासी जमीन सूबे में बहुत ज्यादा मजबूत नहीं है। फिर भी सभी दल इन चुनावों में अपने प्रत्याशी उतारते हुए एड़ी चोटी का जोर लगाएंगे।
मोदी के प्रति बढ़ा विश्वास
जिला परिषद व ब्लॉक समितियां चुनाव के मद्देनजर संगठनात्मक जिलों के चुनाव प्रभारी नियुक्त कर दिए गए हैं। भाजपा की चुनावी तैयारी पूरी है और पार्टी पूरी मजबूती के साथ यह चुनाव लड़ेगी। ग्रामीण इलाकों में भाजपा का जनाधार बढ़ रहा है और ग्रामीणों का विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के प्रति बढ़ा है। – राकेश राठौड़, प्रदेश महामंत्री, पंजाब भाजपा
मजबूती से उभरेगी शिअद
पार्टी ने चुनावी तैयारी तेज कर दी है। सभी हलकों के प्रभारी व पर्यवेक्षक नियुक्त किए जा रहे हैं। शहरों व ग्रामीण इलाकों में शिअद को लोगों का अच्छा समर्थन मिल रहा है। मतदाता शिअद का पुराना कार्यकाल याद करने लगे हैं। जिला परिषद व पंचायत समिति के चुनाव में शिअद को मजबूती से उभरेगी।
सभी सीटों पर लड़ेंगे चुनाव
जिला परिषद और पंचायत समिति की सभी सीटों पर पार्टी चुनाव लड़ेगी। इस बाबत सभी वरिष्ठ नेताओं की बैठक हो चुकी हैं। हमारे नए दल को ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का बड़ा समर्थन मिला है। इस चुनाव में भी मतदाताओं का आशीर्वाद हमें मिलेगा।
आप की नीतियों पर लगेगी मुहर
आम आदमी पार्टी मजबूती से लड़ेगी और एक बड़ी जीत दर्ज करेगी। चुनाव के मद्देनजर संगठनात्मक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चुनाव प्रचार के दौरान सभी मंत्रियों और विधायकों की भी ड्यूटियां लगाई जाएंगी। पंजाब में आप सरकार की नीतियों पर मतदाताओं की मुहर जरूर लगेगी।
डटकर लड़ेगी कांग्रेस
साल 2018 के चुनाव में कांग्रेस को अच्छी बढ़त मिली थी और इस बार भी कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा रहेगा। चुनाव की घोषणा के बाद बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। सभी क्षेत्रों के लिए प्रभारी भी नियुक्त कर दिए जाएंगे। यह प्रभारी सभी सीटों पर उपयुक्त उम्मीदवारों का चुनाव करेंगे। सभी एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे।



