इस सर्दी जरूर ट्राई करें मटर कचौड़ी की यह खास रेसिपी

कचौड़ी का असली मजा उसके नरम और खस्तापन में होता है और यह तभी आता है जब आटा सही तरीके से गूंथा गया हो। इसके लिए, दो कप मैदा या गेहूं के आटे में लगभग एक-चौथाई कप घी या तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं। जब मिश्रण को मुट्ठी में बांधें और वह बंध जाए, तो समझें कि मोयन सही है। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर नरम आटा गूंथ लें। आटे को गीले कपड़े से ढककर कम से कम 30 मिनट के लिए अलग रख दें ताकि वह अच्छी तरह सेट हो जाए। आइए विस्तार से जानते हैं इस रेसिपी के बारे में।
मटर की कचौड़ी बनाने के लिए सामग्री
कचौड़ी की जान उसकी फीलिंग होती है। इसके लिए, एक कप ताजी मटर को हल्का उबाल लें या मिक्सी में दरदरा पीस लें। ध्यान रखें कि पेस्ट बहुत महीन न हो। एक कड़ाही में थोड़ा तेल गरम करें और उसमें हींग और जीरा डालें। अब इसमें अदरक और हरी मिर्च का पेस्ट डालकर कुछ सेकंड भूनें। इसके बाद मटर का पेस्ट डालें। अब बारी है मसालों की- धनिया पाउडर, सौंफ पाउडर, अमचूर, गरम मसाला और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं। इस मिश्रण को तब तक पकाएं जब तक कि इसका सारा पानी सूख न जाए और यह थोड़ा सूखा और भुरभुरा न हो जाए। आपकी स्वादिष्ट फीलिंग तैयार है।
मटर की कचौड़ी बनाने की विधि
तैयार आटे को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लें और हर हिस्से को कटोरी का आकार दें। कटोरी के बीच में मटर की फीलिंग का एक चम्मच भरकर किनारों को एक साथ लाकर अच्छी तरह बंद कर दें ताकि तलते समय फीलिंग बाहर न निकले। अब इसे हल्के हाथ से, बहुत ज्यादा जोर न देते हुए, छोटी और मोटी पूड़ी के आकार में बेल लें। याद रखें, कचौड़ी पूड़ी से थोड़ी मोटी रखी जाती है।
एक कड़ाही में तेल मध्यम आंच पर गरम करें। जब तेल हल्का गरम हो जाए, तो कचौड़ियों को धीमी से मध्यम आंच पर तलें। कचौड़ियों को धीमी आंच पर तलना ही सबसे बड़ा सीक्रेट है, इससे वे अंदर तक पकती हैं और बेहद खस्ता बनती हैं। जब कचौड़ियां सुनहरी और करारी हो जाएं, तो उन्हें तेल से निकाल लें।
इसके बाद, गरमागरम मटर कचौड़ी को हरी चटनी, इमली की मीठी चटनी या आलू की सब्जी के साथ परोसें। यकीन मानिए, इसकी पहली बाइट लेते ही आपको एहसास होगा कि स्वाद ऐसा है कि आप एक नहीं, दो नहीं, खाते-खाते गिनती ही भूल जाएंगे।



