पंजाबराज्य

पंजाब पुलिस में भर्ती होंगे 10 हजार जवान: सरकार ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

पंजाब में बढ़ती सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के मद्देनजर 10 हजारों नए जवानों की भर्ती की जाएगी। बाॅर्डर स्टेट होने के नाते सूबे में निगरानी व्यवस्था और कड़ी जाएगी। इसके चलते नए पद स्वीकृत किए हैं। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पंजाब सरकार ने इस संदर्भ में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हाल ही में 1600 पदों पर भी जवानों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो गई है। उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है।

डीजीपी ने बुधवार को पंजाब पुलिस के साल 2026 के विजन पर चर्चा करते हुए कहा कि पुलिस इस साल नशे और गैंगस्टरवाद के खिलाफ और सख्ती से निपटेगी। डायल-112 इमरजेंसी रिस्पांस स्पोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इसे 7 से 8 मिनट पर लाया जाएगा। इसके तहत मोहाली में 52 करोड़ रुपये की लागत से डायल 112 सेंट्रल कंट्रोल रूम भवन स्थापित किया जाएगा व 50 करोड़ रुपये की लागत से नए वाहन खरीदे जाएंगे।

पंजाब के जिला नियंत्रण कक्षों को 25 करोड़ रुपये के निवेश से अपग्रेड किया जा रहा है, ताकि निर्बाध समन्वय और किसी भी घटना का त्वरित प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। डीजीपी के साथ आईजीपी मुख्यालय सुखचैन सिंह गिल भी मौजूद थे।

डीजीपी ने बताया कि पंजाब सरकार ने पिछले तीन वर्षों में पंजाब पुलिस के आधुनिकीकरण पर 800 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि फील्ड में सभी एसपी रैंक के अधिकारियों को नए वाहन दिए गए हैं, साथ ही सभी पुलिस थानों और पुलिस चौकियों को भी नए वाहन उपलब्ध कराए गए हैं।

आधुनिक उपकरणों से लैस होगी पुलिस
डीजीपी ने बताया कि राज्य सरकार ने अगले तीन वर्षों में 426 करोड़ रुपये की लागत वाले मेगा पुलिस भवन परियोजना को मंजूरी दे दी है। इसमें मोहाली के फेज-4 में साइबर क्राइम डिवीजन के लिए नया मुख्यालय, नवांशहर और मलेरकोटला जिलों में नई पुलिस लाइनें व 11 नई पुलिस स्टेशन इमारतों का निर्माण शामिल है। इसके अलावा लुधियाना, फिरोजपुर और जालंधर में नए एएनटीएफ रेंज कार्यालय खोले जाएंगे तथा मौजूदा कार्यालयों को आधुनिक उपकरणों और फोरेंसिक टूल्स से अपग्रेड किया जाएगा। नए आपराधिक कानूनों के अनुसार पंजाब सरकार द्वारा गवाह संरक्षण योजना पहले ही अधिसूचित की जा चुकी है, जो सजा की दर में सुधार लाने में सहायक होगी।

तकनीकी क्षमताओं को उन्नत किया
गौरव यादव ने बताया कि एजीटीएफ ने पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम (पीएआईएस 2.0) के माध्यम से अपनी तकनीकी क्षमताओं को और उन्नत किया है, जो अन्य अत्याधुनिक विशेषताओं के साथ-साथ अब वॉयस एनालिसिस में भी सक्षम है। इसके साथ ही संगठित अपराध सूचना प्रणाली (ओसीआईएस) को अपराध रिकॉर्ड प्रबंधन को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए और अपग्रेड किया जा रहा है। पंजाब पुलिस संगठित अपराधियों को फर्जी विवरणों के आधार पर पासपोर्ट प्राप्त कराने या उसमें सहायता देने में शामिल ट्रैवल एजेंटों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जांच पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगी।

सड़क सुरक्षा थाने स्थापित होंगे
शहरी क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने के लिए समर्पित ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा थाने स्थापित किए जाएंगे। इन थानों को शहरों के सीसीटीवी फीड और अनुकूली ट्रैफिक सिग्नलों के माध्यम से वास्तविक समय की निगरानी के लिए एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसी3) से जोड़ा जाएगा।

Related Articles

Back to top button