
राज्य में अगले दो वर्षों में साठ लाख से अधिक घरों में सीधे पाइप लाइन से जल पहुंचाने की योजना है। खास बात यह है कि नल से घर तक पहुंचने वाला यह जल सीवरेज के संपर्क से दूर रहेगा। इसके लिए समर्पित पाइप लाइन बिछाया जाएगा।
पेयजल स्वच्छता विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद का कहना है कि राज्य सरकार नागरिकों को शुद्ध जल घर तक पहुंचाने में लगी है। स्थानीय निकायों को कहा गया है कि पहले से सीवरेज लाइन के संपर्क में जो जलापूर्ति के पाइप हैं, उन्हें बदला जाए।
एक अनुमान के मुताबिक, राज्य में पेयजलापूर्ति करने वाली करीब तीस प्रतिशत पेयजल लाइन को सीवरेज के करीब से गुजारा गया है। इससे संक्रमण का खतरा रहता है। पाइप में लीकेज की स्थिति में यह जल नाली की गंदगी के संपर्क में आ सकता है। लेकिन शहरी और ग्रामीण पेयजलापूर्ति की नई योजनाओं में सीवरेज से दूरी का ध्यान रखा जा रहा है।
घरों तक जल ले जानेवाली पाइप का नया सिस्टम बनेगा
पेयजल स्वच्छता विभाग के अधिकारी ने बताया कि देवघर, साहिबगंज, पलामू और रांची के कई हिस्सों में पुरानी पाइपें लगी हैं। इनमें कई जगह लीकेज के बाद मरम्मत की गई है। अब विभाग ने इन पाइपों की मरम्मत की जगह नई पाइप लगाने की योजना बनाई है।
विधानसभा में पेयजल स्वच्छता विभाग के बजट में इसके लिए राशि का प्रविधान किया गया है। जल्द ही इसका सर्वे कराकर नई पाइप लगाने का काम पूरा किया जाएगा।





