
एम्स रोड को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए बुधवार को बीडीए और बीएमसी ने संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान 247 से अधिक अवैध दुकानें व अन्य निर्माण हटाए गए, जिनमें 50 से ज्यादा कबाड़ी दुकानें शामिल हैं। कार्रवाई के बाद एम्स तक मरीजों और एंबुलेंस की आवाजाही पूरी तरह सुगम हो गई है।
एम्स रोड पर अतिक्रमण के कारण अक्सर मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई बार एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती थीं।
रोजाना राज्य और राज्य के बाहर से हजारों मरीज और उनके परिजन एम्स आते हैं, ऐसे में सड़क पर फैला अतिक्रमण बड़ी समस्या बना हुआ था।
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एम्स रोड के दोनों ओर बनी अवैध कबाड़ी दुकानें, एस्बेस्टस शेड, केबिन, होटल और गैराज को हटाया। अभियान में करीब दो एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराया गया।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए महिला और पुरुष पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अभियान के दौरान बीएमसी दक्षिण-पश्चिम जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार पात्र, बीडीए के एन्फोर्समेंट ऑफिसर देवराज सेठी, बीडीए लियाजन ऑफिसर शुभ्रांशु शेखर महांति सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
इधर, बीडीए ने पाटिया मौजा में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। यहां तीन एस्बेस्टस मकान और 50 फीट लंबी दीवार को तोड़ा गया, जबकि करीब 100 डेसिमल सरकारी जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराया गया।
वहीं, बीएमसी ने शहर के विभिन्न इलाकों से अवैध होर्डिंग हटाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।



