उत्तरप्रदेशराज्य

काशी को गंगा पार एलिवेटेड रोड से शहर को जोड़ेंगे तीन पेडेस्ट्रियल सस्पेंशन ब्रिज

बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी के चारों तरफ से बढ़ते पर्यटकों और श्रद्धालुओं के दबाव को देखते हुए सुगम यातायात के लिए जनपद में कई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इसमें से एक है गंगा के समानांतर विश्व सुंदरीपुल से रिंग रोड पर निर्माणाधीन गंगापुल तक लगभग 15 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड फोरलेन की योजना है।

इसमें श्री काशी विश्वनाथ धाम तक पेडेस्ट्रियल सस्पेंशन ब्रिज बनाने की भी योजना है। इसके साथ ही अस्सीघाट और राजघाट के पास कहीं पर पेडेस्टियल सस्पेंशन ब्रिज भी बनाने के प्रस्ताव पर सहमति बनी।

जिले के प्रभारी व वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने शनिवार को कोर कमेटी की होटल रेडिशन में आयोजित बैठक में उक्त प्रस्ताव पर चर्चा हुई। कहा गया कि लोग अपनी गाड़ियां गंगा पार पार्क कर पैदल आकर शहर में अपना कार्य कर सकेंगे। इससे शहर में वाहनों का दबाव कम होगा। परियोजना के डीपीआर में इसे शामिल करने पर सहमति बनी।

इसी प्रकार वरुणा नदी के किनारे बनने वाले एलिवेटेड रोड के संबंध में भी चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने कहा इससे शहर में आने वालों को सुगम यातायात मिलेगा। मंत्री ने कहा कि श्री शिवप्रसाद गुप्त चिकित्सालय में 350 करोड़ की लागत से मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल के लिए कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।

उसकी आगे की प्रक्रिया को तेज करें। इससे पूर्वांचल के लोगों को चिकित्सा सेवा सुगम होगी। बीएचयू का दबाव कम होगा। टेक्सटाइल पार्क को भी मंजूरी मिल गई है। उसके लिए अधिकारियों से संपर्क कर आगे बढ़ाएं।

इस दौरान प्रभारी मंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे एसआइआर में जिन भी पात्र मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है उसे मैपिंग करवाने में बीएलओ के माध्यम से सहयोग करें। बैठक में महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, श्रम मंत्री अनिल राजभर, स्टांप राज्य मंत्री रवींद्र जायसवाल, विधायक डा. नीलकंठ तिवारी, टी. राम, सौरभ श्रीवास्तव, भाजपा जिलाध्यक्ष एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, एमएलसी धर्मेंद्र राय, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, वीडीए वीसी पूर्ण बोरा आदि मौजूद रहे।

प्रभारी मंत्री केंद्रीय बजट को लेकर दिल्ली में होने वाली बैठक के लिए दिल्ली चले गए। वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय कार्यालय में जनसुनवाई में भाग नहीं ले सके।

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