झारखंडराज्य

झारखंड निकाय चुनाव: सजने लगी चुनावी रणभूमि, प्रशासनिक मशीनरी भी सक्रिय

जिले में आगामी नगर निकाय चुनाव को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियां
तेज हो गई हैं। चुनाव की अधिसूचना भले ही जारी नहीं हुई हों, लेकिन चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से राज्य निर्वाचन आयोग एवं जिला प्रशासन स्तर पर जरूरी तैयारी की जा रही है।

इसी क्रम में 16 जनवरी को राजधानी रांची में सभी निर्वाची पदाधिकारियों (आरओ) का प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। इस प्रशिक्षण में चुनाव संचालन से जुड़ी बारीक प्रक्रियाओं, नियमों और दायित्वों की जानकारी दी जाएगी। आरओ प्रशिक्षण के उपरांत सहायक निर्वाची पदाधिकारियों (एआरओ) सहित अन्य चुनाव कर्मियों का भी चरणबद्ध प्रशिक्षण कराया जाएगा।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदान प्रक्रिया से लेकर मतगणना तक सभी कार्य राज्य निर्वाचन आयोग के
दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न हो सके। प्रशासनिक तैयारियों के साथ-साथ राजनीतिक दलों ने भी चुनावी मोर्चे पर कमर कसनी शुरू कर दी है।

संभावित प्रत्याशियों की तलाश, संगठनात्मक मजबूती और मतदाताओं को साधने के लिए बैठकों और रणनीति निर्माण का दौर तेज हो गया है। जिले के तीन शहरी निकायों में झुमरीतिलैया नगर परिषद और डोमचांच नगर पंचायत के अध्यक्ष पद को बीसी-2 (पिछड़ा वर्ग-2) श्रेणी के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि कोडरमा नगर पंचायत को अनारक्षित श्रेणी में रखा गया है।

इन तीनों नगर निकायों में कुल 114 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

आरक्षित सीट पर झारखंड के निवासी ही लड़ सकेंगे चुनाव
बीसी-2 आरक्षण को लेकर पात्रता की शर्तें भी स्पष्ट है। झुमरीतिलैया नगर परिषद और डोमचांच नगर पंचायत की बीसी-2 आरक्षित सीट पर वही अभ्यर्थी चुनाव लड़ सकेंगे, जो झारखंड सरकार द्वारा अधिसूचित बीसी-2 सूची में शामिल जातियों से आते हों। इसके लिए संबंधित उम्मीदवारों को वैध जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

इसके लिए शर्त यह है कि उम्मीदवार या उनके पूर्वज या तो झारखंड राज्य के खतियानी निवासी हों या उनके पूर्वजों का 10 नवंबर 1978 से पहले झारखंड में निवास संबंधी राजस्व या अन्य प्रमाणिक दस्तावेज उपलब्ध हों। उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार के कार्मिक एवं प्रशासनिक विभाग के संकल्प संख्या 755, 756 एवं 757 के तहत एकीकृत बिहार काल में इन जातियों को पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल किया गया था। इसी आधार पर झारखंड में भी पात्रता तय की गई है।

जिलास्तर पर 17 कोषांगों का गठन
इधर, नगर निकाय चुनाव के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन ने 17 कोषांगों का गठन किया गया है। सभी कोषांगों को अपने-अपने कार्यों के संचालन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने, ई-मेल आईडी और वॉट्सएप ग्रुप बनाने तथा राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने को कहा गया है।

गठित कोषांगों में नगरपालिका निर्वाचन कोषांग के वरीय पदाधिकारी डीडीसी तथा नोडल पदाधिकारी डीपीआरओ बनाए
गए हैं। कार्मिक कोषांग के वरीय पदाधिकारी डीडीसी और नोडल पदाधिकारी डीएसओ होंगे। मतपत्र कोषांग के वरीय पदाधिकारी एसी एवं नोडल पदाधिकारी डीसीओ, जबकि मतपेटिका कोषांग के नोडल पदाधिकारी डीएसओ बनाए गए हैं।

इसी तरह मटेरियल मैनेजमेंट कोषांग के वरीय पदाधिकारी डीडीसी और नोडल पदाधिकारी डीडब्लूओ, परिवहन कोषांग के नोडल पदाधिकारी डीटीओ तथा विधि-व्यवस्था सह आदर्श आचार संहिता कोषांग के नोडल पदाधिकारी एसडीओ होंगे।

हेल्पलाइन एवं जनशिकायत कोषांग के वरीय पदाधिकारी एसडीओ और नोडल पदाधिकारी सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा अन्य कोषांगों के लिए भी नोडल पदाधिकारी एवं वरीय पदाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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