
विश्व पुस्तक मेले में शनिवार को पाठकों और पुस्तक प्रेमियों की भारी भीड़ देखने को मिली। भारत मंडपम में लगे मेले के लगभग हर हॉल में लोगों की आवाजाही बनी रही। मेले में अधिकांश प्रकाशकों ने पाठकों को आकर्षित करने के लिए 20 प्रतिशत तक की छूट दी, जबकि कई स्टॉल्स पर 30, 40 और 50 प्रतिशत तक की भारी छूट भी दी जा रही है। कुछ प्रकाशकों ने मेंबरशिप ऑफर भी पेश किए, जिसके तहत भविष्य की खरीदारी पर अतिरिक्त लाभ देने का वादा किया गया है। मेले के अंतिम दिन यानी रविवार को किताब प्रेमियों के भारी संख्या में मेले में आने की उम्मीद है।
विश्व पुस्तक मेले में इंविंसिबल प्रकाशक के स्टॉल पर एक पहिया लगाया गया। इस पहिए में क्रमश: चार विकल्प थे, एक पुस्तक की खरीद पर एक पुस्तक मुफ्त, मुफ्त पुस्तक, पांच किताबों की खरीद पर 25 फीसदी की छूट, और 15 फीसदी की छूट। पहिए की पिन जिस तरफ रुकती, पाठकों को उसके लिखे अनुसार लाभ मिलता। प्रभात प्रकाशन ने 10 पुस्तकों पर 40 फीसदी छूट की घोषणा की है। किताबवाले प्रकाशन के स्टॉल पर प्रत्येक किताब 10 फीसदी की छूट और मात्र 100 रुपये की मेंबरशिप लेने पर आजीवन 20 फीसदी की छूट का वादा किया गया।
ओपन माइक पर छाया युवाओं का उत्साह
कई स्टॉल्स पर ओपन माइक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां युवाओं ने कविता पाठ, कहानी वाचन और विचार साझा किए। इस कार्यक्रम में पुस्तक प्रेमियों और नए लेखकों ने बढ़-चढ़कर इन आयोजनों में हिस्सा लिया। ओपन माइक मंच दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। वहीं, इस दौरान कई युवाओं ने अपनी खुद की लिखी हुई कविताएं सुनाईं, जिसके बाद धीरे-धीरे और भी उभरते लेखक एकत्रित होते गए। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
जापानी लेखक से मिलने के लिए घंटों इंतजार
मेले का एक प्रमुख आकर्षण रहा जापानी लेखक के ऑथर साइन कार्यक्रम, जिसमें युवाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बुक्स वैगन के स्टॉल पर ए साइलेंट वॉइस की लेखिका और चित्रकार योशितोकी ओइमा मौजूद रहीं। इस दौरान लेखिका के हस्ताक्षर लेने के लिए युवाओं का हुजूम उमड़ा। लेखिका से अपनी किताब पर हस्ताक्षर करवाने के लिए पाठक 4 से 5 घंटे तक लाइन में खड़े रहे। वहीं, युवाओं का कहना था कि किसी पसंदीदा लेखक से मिलना और उनके हस्ताक्षर पाना, किताब पढ़ने के अनुभव को और भी खास बना देता है।बता दें लेखिका योशितोकी ओइमा एक प्रसिद्ध जापानी कलाकार और लेखिका हैं, जो अपनी मार्मिक कहानियों जैसे ए साइलेंट वॉयस और टू योर इटरनिटी के लिए जानी जाती हैं।
कहां कितना ऑफर
प्रभात प्रकाशन – 10 किताबों पर 40 फीसदी की छूट, प्रत्येक किताब पर 20 फीसदी की छूट
कॉपर कोइन पब्लिकेशन – 30 फीसदी की छूट (सभी किताबों पर)
रूपा पब्लिकेशन – 20 प्रतिशत की फ्लैट छूट
किताबलवाले – 10 फीसदी की छूट (सभी किताबों पर), 100 रुपये की मेंबरशिप लेने पर आजीवन 20 फीसदी की छूट
नीलकमल पब्लिकेशन – 20 फीसदी की छूट (सभी किताबों पर)
मेजिंग बुक्स – 1 पुस्तक पर 20 फीसदी, 3 पुस्तक पर 30 फीसदी और 5 पुस्तक पर 40 फीसदी
राजकमल प्रकाशन – 20 प्रतिशत की छूट (सभी किताबों पर)
एनसीईआरटी – 10 फीसदी की छूट (सभी किताबों पर)
पुस्तक मेले में चली किड्स एक्सप्रेस में हुई बच्चों की जादुई रेल यात्रा
विश्व पुस्तक मेले में बाल मंडप की किड्स एक्सप्रेस बच्चों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। भारत मंडपम के हॉल नंबर 6 में 18 जनवरी तक चल रहे इस मेले में यह रेल-थीम वाला पवेलियन रोजाना हजारों नन्हे पाठकों को कल्पना और रचनात्मकता की रोमांचक यात्रा पर ले जा रहा है।
बैंगनी रंग की यह ट्रेन एनिमेटेड खिड़कियों, टिकट चेकर, चायवाले और किताबों में खोए बच्चों के चित्रों से सजी है। इंजन आकार का प्रवेश द्वार भाप जैसे बुलबुले छोड़कर बच्चों का स्वागत करता है। ट्रेन के प्रत्येक कोच को खास उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। स्टोरीटाइम शताब्दी रीडिंग कॉर्नर में रॉकेट आकार की अलमारियां कहानियों से भरी हैं। जहां रीड बियॉन्ड द स्टार्स थीम बच्चों को अंतरिक्ष की सैर कराती है। रेल म्यूजियम में भाप इंजन से वंदे भारत तक के मॉडल, फोटो प्रदर्शनी और इंटरएक्टिव क्विज बच्चों को भारतीय रेल की कहानी बताते हैं। विजेता बच्चों को पुस्तक कूपन मिलते हैं।
किड्स एक्सप्रेस के किताब घर में बच्चे अधूरी कहानियां पूरी करते हैं, कविताएं लिखते हैं और पुस्तक कवर डिजाइन करते हैं। इसका इमोजी मी, भावनाओं को रंगों से समझाता है, जबकि क्लिक-मी जंक्शन अंडरवॉटर थीम वाला फोटो कॉर्नर परिवारों के लिए यादगार पल कैद करता है।
मधुबनी-वरली कला, कागज की कठपुतली, क्ले आर्ट, ओरिगामी, मंडला आर्ट और कलर मी के विशाल डूडल कैनवास में बच्चे अभिव्यक्ति का आनंद लेते हैं। रोजाना कहानी सत्र, नाटक, कठपुतली शो, मैथ्स मैजिक, वेदिक गणित और विज्ञान के जादू से सीखना खेल बन जाता है।
स्पेन, रूस, फिनलैंड और इजराइल के अंतरराष्ट्रीय स्टोरीटेलर वैश्विक संस्कृतियों की झलक दिखाते हैं। शाम को ट्रेनिंग द ट्रेनर्स में शिक्षक-अभिभावक रचनात्मक शिक्षण पर चर्चा करते हैं।
कुल मिलाकर, किड्स एक्सप्रेस किताबों को सिर्फ पढ़ने नहीं, बल्कि जीने का मौका देती है। यहां बच्चे जिज्ञासा, आत्मविश्वास और विस्मय लेकर लौटते हैं, यह एक ऐसी यात्रा है जो उनके मन में हमेशा याद रहेगी।
अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने प्रभात प्रकाशन के स्टॉल का दौरा ‘वंदे मातरम्’ पुस्तक खरीदी
विश्व पुस्तक मेले में इस बार देशभक्ति और धर्म से जुड़ी पुस्तकों को पाठकों का खासा पसंद मिल रहा है। प्रभात प्रकाशन के निदेशक प्रभात कुमार और पीयूष कुमार ने बताया, कि मेले के अंतिम दिन 18 जनवरी को पाठकों के लिए विशेष ऑफर रखा गया है, जिसके तहत 10 पुस्तकों की खरीद पर 40 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।
वहीं, शनिवार को दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने भी प्रभात प्रकाशन के स्टॉल का दौरा किया और मिलिंद प्रभाकर सबनीस द्वारा संकलित एवं संपादित बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की प्रसिद्ध कृति ‘वंदे मातरम्’ खरीदी। प्रभात कुमार के अनुसार, पाठक विशेष रूप से देशभक्ति विषयक पुस्तकों में रुचि दिखा रहे हैं, जिन पर प्रकाशन ने विविध और ज्ञानवर्धक शीर्षक प्रस्तुत किए हैं। इन पुस्तकों को मेले में लगातार अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।




