
यात्री सुरक्षा की गारंटी, अधूरी रेल परियोजनाओं को रफ्तार, स्टेशनों पर मूलभूत सुविधाओं की बहाली और नई ट्रेनों की सौगात संग रांची से पुरी के लिए स्लीपर वंदे भारत ट्रेन इन ठोस मांगों के साथ आज 22 जनवरी को रांची में होने वाली मंडलीय सांसद समिति की बैठक इस बार रेलवे के लिए आसान नहीं होगी।
अब तक दाखिल सभी फाइलों और लंबित प्रस्तावों को आधार बनाकर तैयार इस बैठक में रेलवे प्रशासन से केवल स्थिति रिपोर्ट नहीं, बल्कि स्पष्ट निर्णय, समयसीमा और जवाबदेही की मांग की जाएगी।
संकेत हैं कि सुरक्षा से लेकर रेलवे लाइन दोहरीकरण तक, हर अहम मुद्दे पर रेलवे को सीधे सवालों और दबाव का सामना करना पड़ेगा। इस बैठक में रांची रेल मंडल और चक्रधरपुर रेल मंडल क्षेत्र से संबंधित सांसद बैठक में शिरकत करेंगे और यात्रियों से जुड़ी सुरक्षा और सुविधाओं की मांग को जोरदार तरीके से रखेंगे।
महिला यात्रियों के लिए बढ़ाई जाए सुरक्षा
बैठक के एजेंडे में सबसे ऊपर यात्री सुरक्षा को रखा गया है। रांची से लोहरदगा जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों में महिलाओं की सुरक्षा, असामाजिक तत्वों की गतिविधियों और रेलवे भूमि पर अतिक्रमण को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। मांग होगी कि संवेदनशील रेलखंडों पर आरपीएफ की तैनाती बढ़ाई जाए, नियमित गश्त सुनिश्चित हो और अतिक्रमण हटाने के लिए ठोस अभियान चलाया जाए।
अमृत भारत स्टेशन योजना की प्रगति पर उठेंगे सवाल
इसके साथ ही अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए जा रहे स्टेशनों की वास्तविक प्रगति पर भी सवाल उठेंगे। कई फाइलों में यह मुद्दा उठाया गया है कि स्टेशन विकास कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं और यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ रही है। बैठक में मांग रखी जाएगी कि निर्माण कार्यों की स्पष्ट समयसीमा तय हो और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न किया जाए।
पेयजल, स्वच्छता और मेडिकल सुविधा पर होगा जोर
यात्री सुविधाओं से जुड़ी मांगें भी बैठक का बड़ा हिस्सा होंगी। फाइलों में बार-बार यह बात सामने आई है कि कई स्टेशनों पर पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और प्राथमिक चिकित्सा सुविधा पर्याप्त नहीं है। रांची के विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन बनने की प्रक्रिया के तहत 24 घंटे एंबुलेंस सेवा और मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठेगी।
कोच मेंटेनेंस और सफाई व्यवस्था पर रहेगी नाराजगी
रेल डिवीजन से चलने वाली ट्रेनों में कोच मेंटेनेंस और सफाई व्यवस्था को लेकर भी बैठक में नाराजगी जाहिर की जाएगी। कोचों में गंदगी, चादर–कंबल की साफ-सफाई और रखरखाव को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर रेलवे से सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की जाएगी। साथ ही आरपीएफ और कमर्शियल विभाग के कर्मचारियों को यात्रियों के प्रति अधिक संवेदनशील और यूजर–फ्रेंडली बनाने पर जोर दिया जाएगा।
लंबित योजनाओं पर भी उठेंगे सवाल
बैठक में रेल अवसंरचना से जुड़ी लंबित परियोजनाएं प्रमुखता से उठेंगी।सिल्ली बाइपास रेलवे लाइन, चांडिल–मुरी रेल लाइन के दोहरीकरण को जनहित में आवश्यक बताते हुए इन पर अब तक हुई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी मांगी जाएगी। मांग होगी कि इन परियोजनाओं को रेलवे की प्राथमिक सूची में शामिल कर समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए।
यात्रियों के लिए हो बेहतर कनेक्टिविटी
फाइलों में उठाई गई नई ट्रेनों और सेवाओं की मांग भी बैठक में रखी जाएगी। हावड़ा–मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर मुरी जंक्शन तक शटल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रखा जाएगा, ताकि रांची आने–जाने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।
रांची और हटिया में आइआरसीटीसी लाउंज शुरू हो
स्थानीय स्टेशन संबंधी मांगें भी एजेंडे का हिस्सा होंगी। नामकुम रेलवे स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज निर्माण, स्टेशनों के बाहर लंबे समय तक खड़ी रहने वाली ट्रेनों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और अवैध वेंडिंग पर नियंत्रण को लेकर मांग उठेगी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रांची और हटिया में आइआरसीटीसी लाउंज शुरू करने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा।
रांची–मुरी रेलखंड पर अंडरब्रिज और पुल निर्माण
रेलवे भूमि से जुड़े अंडरपास, फ्लाईओवर और सड़क संपर्क से संबंधित मुद्दों को भी बैठक में प्रमुखता मिलेगी। रांची–मुरी रेलखंड के कई स्थानों पर अंडरब्रिज और पुल निर्माण की मांग लंबे समय से लंबित है। बैठक में इन मामलों पर स्पष्ट निर्णय और समयसीमा तय करने का दबाव बनाया जाएगा, ताकि आम नागरिकों को रोजमर्रा की परेशानियों से राहत मिल सके।




