उत्तराखंडराज्य

अर्धकुंभ 2027: 108 करोड़ से होगा हरकी पैड़ी का कायाकल्प, श्रद्धालुओं के लिए होंगे ये काम

अर्धकुंभ की तैयारियों के मद्देनजर हरकी पैड़ी पर करीब 108 करोड़ की लागत से विकास कार्य कराए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट को दो हिस्सों में बांटा गया है। मुख्य हिस्से में 55.72 करोड़ और उत्तरी हिस्से में 52.54 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उत्तराखंड प्रोजेक्ट डवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन ये कार्य कराएगा।

गंगा के तट पर हरकी पैड़ी लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग स्नान करने आते हैं। अर्धकुंभ के लिए इस जगह को नया रूप देने की तैयारी है। प्रोजेक्ट में घाटों की मरम्मत, पुलों की मजबूती, रास्तों का निर्माण और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इससे श्रद्धालुओं को साफ-सुथरा और सुरक्षित माहौल मिलेगा। भीड़ प्रबंधन एरिया का भी निर्माण कराया जाएगा। नए निर्माण कार्यों में पर्यावरण संरक्षण का ध्यान भी रखा जाएगा।

ब्रह्मकुंड से नवीनीकरण का काम होगा शुरू
हरकी पैड़ी नवीनीकरण में ब्रह्मकुंड से काम शुरु होगा। पुराना फर्श उखाड़कर लाल पत्थर और मकराना मार्बल बिछाया जाएगा। टूटे हिस्सों की मरम्मत होगी और कपड़े बदलने के लिए बेहतर चेंजिंग रूम बनेंगे। सुभाष घाट पर फर्श की मरम्मत कराई जाएगी, स्टील की रेलिंग और चेन से सुरक्षा बढ़ेगी। मालवीय द्वीप पर लाल पत्थर का नया फर्श बनेगा। यहां भी चेंजिंग रूम और नई रेलिंग लगाई जाएंगी।

कांगड़ा घाट पर कंक्रीट मरम्मत, मार्बल फर्श और श्रद्धालुओं का सामान रखने के लिए लाकर बनेंगे। शिव पुल से धनुष पुल तक नया घाट बनेगा। हाथी पुल, शिव पुल, भागीरथी पुल, तिरछा पुल, धनुष पुल, नया संजय पुल, कांगड़ा नोज पुल, संजय पुल और पुराना कांगड़ा पुल में कंक्रीट मजबूती, स्टील रेलिंग, बैरियर और पेंट होगा। पुराना आइरिस पुल, अमरापुर घाट पुल, विष्णु घाट पुल, डाम कोठी पुल और ललतारौ पुल की मरम्मत और रंगाई होगी।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ये कार्य भी होंगे
अलखनंदा घाट (वीआइपी घाट) और ऊंचे फुटपाथ पर फर्श ठीक होगा, रेलिंग और चेंजिंग रूम को बेहतर बनाया जाएगा। रोड़ीबेलवाला घाट और शिव घाट पर नया फर्श बनेगा और नई चेन व रेलिंग लगेगी। अन्नक्षेत्र में कंक्रीट निर्माण, ग्रेनाइट फर्श बनेगा। यहां श्रद्धालु खाना खा सकेंगे। दीवारों पर धार्मिक चित्र बनेंगे। सुरक्षा के लिए दरवाजे पर मेटल डिटेक्टर लगेंगे। पांच पानी के कियोस्क में शुद्ध पानी की मशीन होगी। इलाके में सजावटी खंभे, एलईडी लाइट और स्पीकर लगेंगे।

साउंड सिस्टम और स्क्रीन से श्रद्धालुओं को सूचना दी जाएगी। पानी की सप्लाई में पाइप और वाल्व लगेंगे। गंदे पानी की निकासी के लिए पंप और चैंबर होंगे। पेड़ों के चारों तरफ जाली और कचरा प्रबंधन में स्मार्ट कूड़ेदान होंगे। पुलों, मंदिरों और चित्रों पर रोशनी होगी। उत्तरी हिस्से में पुराने घाट को नया बनाया जाएगा। फर्श उखाड़कर लाल पत्थर बिछेगा। स्टील रेलिंग और चेन लगेंगी। पक्की सड़क और फुटपाथ बनेगा। दो सुविधा भवन में शौचालय, स्नानघर बनेंगे।

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