
प्रदेश में चार दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को भी सरकारी बैंक नहीं खुल सके। बैंकों में हड़ताल, चेक बिल्लर्स, ड्राफ्ट और आरटीजीएस जैसी सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। इसके कारण आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यवसायियों और उद्योगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सार्वजनिक क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्रों में निजी सेक्टर के बैंक कर्मचारी पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर हड़ताल पर रहे हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के दावे के अनुसार प्रदेशभर में 4350 शाखाओं में कामकाज बंद रहा। इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक और सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक की सभी शाखाएं शामिल रहीं। इससे करीब 12,300 करोड़ का लेन-देन प्रभावित हुआ। वहीं सोमवार को लोन-देन प्रभावित हुआ।
एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस जैसे निजी बैंक खुले रहे, जिससे कुछ राहत मिली। लेकिन कई जगहों पर नकद खत्म होने से एटीएम भी बंद मिले। बता दें, 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन पर अवकाश था, इसके बाद शनिवार-रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को गणतंत्र दिवस की छुट्टी थी।
पानीपत में 1000 करोड़, चरखी दादरी में 700 करोड़, हिसार व करनाल में 550 करोड़, अंबाला में 400 करोड़, कैथल व भिवानी में 300-300 करोड़, यमुनानगर व झज्जर में 250-250 करोड़, कुरुक्षेत्र 250 करोड़, फतेहाबाद में 300 करोड़ और जींद में करीब 150 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ। कई जिलों में 60 से 300 से अधिक बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहा।



