
जल जंगल और अपनी जमीन को बचाने को लेकर आदिवासी संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। इसकी शुरुआत रामगढ़ जिले से शुरू कर दी गई है। यह बातें केंद्रीय महासचिव आदिवासी जन परिषद के नेता प्रकाश मुंडा ने कहीं।
उन्होंने कहा कि गैर आदिवासियों द्वारा षड्यंत्र के तहत फर्जी कागजात बनाकर आदिवासियों के जमीन को लूटा जा रहा है। इसे आदिवासी संगठन कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। इसका उदाहरण मंगलवार को कुजू ओपी क्षेत्र के सांडी में देखने को मिला।
सरना झंडा, हरवे हथियार के साथ जुलूस
जहां विभिन्न आदिवासी संगठनों के सैकड़ों महिला पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में सरना झंडा, हरवे हथियार के साथ जुलूस की सकल में पहुंच कर एक सात मंजिला इमारत की चारदीवारी को ध्वस्त कर दिया।
मौके पर आदिवासी नेताओं ने कहा कि यह जमीन मुंडा खतियान का है। जिसका खाता नंबर 75 प्लॉट नंबर 627 कुल रकबा 84 डिसमिल है। जिसके वारिश प्रदीप मुंडा पिता स्व ललका मुंडा, ज्ञानी मुंडा पिता बैजनाथ मुंडा, सूरज मुंडा पिता स्व बसंत मुंडा, बरतु मुंडा पिता धुजा मुंडा वगैराह के नाम से दर्ज है।
सरना झंडा लगाकर अपना दखल कब्जा किया
उग्र आदिवासियों ने इमारत की चारदीवारी गिरने के बाद चारों ओर सरना झंडा लगाकर अपना दखल कब्जा करने का किया। घटना की सूचना की सूचना पाकर कुजू ओपी प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह एवं अनि अरविंद कुमार सिंह दलबल के साथ घटनास्थल पहुंचकर आदिवासी नेताओं को समझा बुझा कर मामला को शांत कराया गया।
इधर घटना को लेकर मेहूल बसंत व राजीव कुमार सिंह ने कुजू ओपी में आवेदन दिया है। इसमें कहा है कि मेहूल बसंत पिता स्व जयंती लाल बसंत रामगढ़ निवासी एवं राजीव कुमार सिंह पिता कुमार महेश सिंह सारूबेड़ा निवासी दोनों श्री केदारनाथ इंटर प्राइजेज एलएलपी भरेचनगर सांडी के डायरेक्टर पद पर हैं।
इमारत में जबरन घुस कर तोड़ फोड़
मंगलवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे प्रदीप मुंडा पिता स्व. ललका मुंडा भरेचनगर सांडी एवं दर्जनों की संख्या में आपराधिक प्रवृति के लोगों के द्वारा इमारत में जबरन घुस कर तोड़ फोड़ एवं लूट पाट करने लगे। इस घटना से हमारे कंपनी को काफी क्षति पहुंची है। घटना को लेकर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।





