अमेरिका: टेक्सस में H-1B वीजा पर गवर्नर ने लगाया ब्रेक

अमेरिका के टेक्सास राज्य में H-1B वीजा को लेकर बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक फैसला लिया गया है। रिपब्लिकन गवर्नर ग्रेग एबॉट ने राज्य की सभी एजेंसियों और सार्वजनिक विश्वविद्यालयों को अगले साल तक नए H-1B वीजा याचिकाएं दायर करने से रोकने का आदेश दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन पूरे H-1B कार्यक्रम में बदलाव की दिशा में कदम उठा रहा है।
H-1B वीजा प्रोग्राम के तहत अमेरिकी नियोक्ता विशेष कौशल वाले विदेशी पेशेवरों को नौकरी पर रख सकते हैं। टेक्सास में हजारों H-1B वीजा धारक काम कर रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या विश्वविद्यालयों, मेडिकल संस्थानों और टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़ी है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
गवर्नर एबॉट का कहना है कि इस अस्थायी रोक से H-1B वीजा के लिए ‘कानूनी सुरक्षा ढांचा’ तैयार करने का समय मिलेगा। इसके साथ ही, कांग्रेस अगर संघीय कानून में कोई बदलाव करती है और ट्रंप प्रशासन जो सुधार लागू करना चाहता है, उन्हें समझने और लागू करने का अवसर भी मिलेगा।
एबॉट और अन्य रिपब्लिकन नेताओं का आरोप है कि H-1B वीजा प्रोग्राम का दुरुपयोग हो रहा है। उनके मुताबिक, कई नियोक्ता इस वीजा का इस्तेमाल ऐसे विदेशी कर्मचारियों को रखने के लिए कर रहे हैं, जो कम वेतन पर काम करने को तैयार होते हैं, जिससे अमेरिकी नागरिकों के रोजगार के अवसर प्रभावित होते हैं।
टेक्सास के विश्वविद्यालयों में कितने H-1B कर्मचारी?
अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) के सितंबर में जारी आंकड़ों के अनुसार, टेक्सास में सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के बीच सबसे अधिक H-1B वीज़ा धारक यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास साउथवेस्टर्न मेडिकल सेंटर (डलास) में हैं। यहां 228 कर्मचारी इस वीजा पर काम कर रहे हैं। इस संस्थान में कुल कर्मचारियों की संख्या 23 हजार से अधिक है।
इसके अलावा टेक्सास A&M यूनिवर्सिटी (कॉलेज स्टेशन) में 214, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एमडी एंडरसन कैंसर सेंटर (ह्यूस्टन) में 171, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास ऑस्टिन में 169 और टेक्सास टेक यूनिवर्सिटी (लुब्बॉक) में 143 H-1B वीज़ा धारक कर्मचारी कार्यरत हैं।
टेक्नोलॉजी सेक्टर में H-1B का दबदबा
हालांकि H-1B वीजा के लिए अस्पतालों, संगीत बैंड्स और विश्वविद्यालयों सहित कई तरह के नियोक्ता आवेदन कर सकते हैं, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि इस प्रोग्राम का सबसे ज्यादा फायदा टेक्नोलॉजी सेक्टर को हुआ है। प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसार, 2012 से अब तक मंजूर किए गए कम से कम 60% H-1B वीजा कंप्यूटर से जुड़े कामों के लिए थे।
पिछले साल पूरे अमेरिका में सबसे ज्यादा H-1B वीजा अमेजन को मिले। कंपमी के 10 हजार से अधिक वीजा मंजूर हुए। इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल और गूगल का नाम आता है। टेक्सास में सबसे ज्यादा H-1B वीजा कॉग्निजेट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस के पास हैं। इसकी संख्या 3,172 है।
राज्य सरकार अब क्या जानकारी मांगेगी?
गवर्नर एबॉट ने राज्य एजेंसियों और विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे पिछले साल दायर की गई नई और नवीनीकृत H-1B याचिकाओं की संख्या, वर्तमान में प्रायोजित वीजा धारकों की जानकारी, उनके पद, मूल देश और वीज़ा की समाप्ति तिथि का पूरा ब्योरा दें।
इसके अलावा, नियोक्ताओं से यह भी दस्तावेज मांगे गए हैं कि उन्होंने H-1B वीजा धारकों से भरे गए पदों के लिए ‘योग्य टेक्सास उम्मीदवारों को उचित अवसर’ देने की कोशिश की थी या नहीं।
H-1B वीजा क्या है और कैसे काम करता है?
H-1B वीजा की शुरुआत 1990 के इमिग्रेशन एक्ट के तहत हुई थी। यह वीजा अमेरिकी कंपनियों को ऐसे विदेशी पेशेवरों को लाने का रास्ता देता है। यानी ऐसे पेशेवर जिनके पास ऐसे तकनीकी कौशल होते हैं जो अमेरिका में आसानी से उपलब्ध नहीं होते।
यह वीजा तीन साल के लिए वैध होता है और इसे एक बार और तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। हर साल नए H-1B वीज़ा की संख्या 65,000 तक सीमित है, जबकि मास्टर डिग्री या उससे अधिक योग्यता वालों के लिए 20,000 अतिरिक्त वीजा उपलब्ध होते हैं। हालांकि, विश्वविद्यालयों और कुछ गैर-लाभकारी संस्थानों को इस सीमा से छूट मिलती है।



