बीआरटीएस तोड़ने के लिए दो पैकेज में टेंडर, ठेकेदार नहीं मिले तो निगम खुद करेगा काम

बीआरटीएस की रैलिंग और बस स्टॉप नगर निगम के लिए बड़ी समस्या बन चुके हैं। कोर्ट की लगातार फटकार के बाद अब नगर निगम ने बीआरटीएस के बस स्टॉप और रैलिंग तोड़ने के लिए दो अलग-अलग पैकेज में टेंडर जारी किए हैं। निगम को इस प्रक्रिया से डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की आय होने की उम्मीद है। यदि किसी ठेकेदार की ओर से रुचि नहीं दिखाई जाती है तो नगर निगम खुद इस कार्य को अंजाम देगा।
डेढ़ करोड़ से अधिक की आय की संभावना
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार बीआरटीएस के ढांचे को हटाने से निगम को अच्छी खासी आय हो सकती है। इसके लिए निरंजनपुर से लेकर राजीव गांधी प्रतिमा तक की रैलिंग और बस स्टॉप को तोड़ा जाना प्रस्तावित है। इस पूरे कार्य से निगम को करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की आमदनी होने का अनुमान है।
पहले भी ठेकेदार छोड़ चुका है काम
इससे पहले भी नगर निगम ने बीआरटीएस की रैलिंग तोड़ने का कार्य एक ठेकेदार को सौंपा था, लेकिन ठेकेदार अधूरा काम छोड़कर फरार हो गया। मामले में लापरवाही और देरी को लेकर कोर्ट ने भी नगर निगम अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी।
60 दिन में काम पूरा करने की शर्त
जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि जो भी फर्म यह ठेका लेगी, उसे 60 दिन के भीतर पूरा काम करना होगा। यदि टेंडर प्रक्रिया में कोई भी ठेकेदार सामने नहीं आता है, तो नगर निगम अपने संसाधनों से यह कार्य शुरू करेगा। स्टेडियम क्षेत्र में पहले भी निगम ने इसी तरह अपने स्तर पर बस स्टॉप तोड़ने का काम कराया था।




