राजस्थानराज्य

पोकरण के धोरों पर सजी लोक संस्कृति की भव्य महफिल, मरू महोत्सव-2026 में गूंजे सुर-ताल

विश्वविख्यात मरू महोत्सव-2026 के तहत पोकरण के समीप लोहारकी के स्वर्णिम रेतीले धोरों पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में राजस्थान की लोक संस्कृति अपने पूरे वैभव के साथ मंच पर उतरी। लोक नृत्य, पारंपरिक संगीत और रंग-बिरंगी प्रस्तुतियों ने देश-विदेश से आए पर्यटकों सहित स्थानीय दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और थार की सांस्कृतिक आत्मा को जीवंत रूप में सामने रखा।

विश्वविख्यात मरू महोत्सव-2026 के अंतर्गत गुरुवार शाम परमाणु नगरी पोकरण के समीप लोहारकी के स्वर्णिम रेतीले धोरों पर लोक संस्कृति, संगीत और परंपरा का अनुपम संगम देखने को मिला। इस भव्य सांस्कृतिक संध्या ने देश-विदेश से आए पर्यटकों सहित स्थानीय दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मरुधरा की जीवंत आत्मा को साकार करती इस शाम में राजस्थान की समृद्ध लोक विरासत पूरे वैभव के साथ मंच पर उतरी।

रेत के अथाह विस्तार और ढलते सूरज की सुनहरी आभा के बीच आयोजित इस कार्यक्रम ने मानो थार की आत्मा को स्वर, लय और रंगों में पिरो दिया। लोक कला, पारंपरिक वाद्य यंत्रों और नृत्य प्रस्तुतियों ने ऐसा समां बांधा कि हर दर्शक स्वयं को मरुधरा की सांस्कृतिक यात्रा का हिस्सा महसूस करने लगा।कार्यक्रम का शुभारंभ अरुशिखा कंवर एंड ग्रुप द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक चरी नृत्य से हुआ। सिर पर जलती हुई चरी के साथ संतुलन, सौंदर्य और साधना का यह अद्भुत नृत्य दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। नृत्य की हर थाप पर तालियों की गूंज रेतीले धोरों तक फैलती चली गई।

इसके बाद फुग्गे खान एंड ग्रुप ने राजस्थानी लोकगीतों की सजीव और भावनात्मक प्रस्तुति देकर वातावरण को लोक रस से सराबोर कर दिया। उनकी गायकी में लोकजीवन की पीड़ा, उल्लास और प्रेम की झलक स्पष्ट दिखाई दी, जिसे श्रोताओं ने पूरे मन से सराहा। कार्यक्रम के अगले चरण में पुनः अरुशिखा कंवर एंड ग्रुप द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक घूमर नृत्य ने मंच पर नारी शक्ति, गरिमा और राजस्थानी संस्कृति की शान को जीवंत कर दिया। रंग-बिरंगे घाघरों की लहराती छटा और तालबद्ध घूमर ने दर्शकों को राजस्थान की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ दिया।

सांस्कृतिक संध्या को नई ऊंचाई तब मिली जब सरवर एंड सरताज लोकगीत एंड बैंड ने अपनी ऊर्जावान प्रस्तुतियों से युवाओं और पर्यटकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। लोक और आधुनिक संगीत के समन्वय ने कार्यक्रम को नई पीढ़ी से जोड़ने का कार्य किया।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहे इंडियन आइडल फेम सैलिब्रिटी कलाकार मोती खान एंड ग्रुप। उनकी दमदार आवाज, भावनात्मक गायन और लोक संगीत की गहराई ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों के दौरान पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट और संगीत की मधुर लहरों से गूंज उठा।

रेतीले धोरों पर सजी यह सांस्कृतिक संध्या केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं रही, बल्कि यह राजस्थान की लोक संस्कृति, परंपरा और पर्यटन की वैश्विक पहचान को सशक्त करने का माध्यम बनी। मरू महोत्सव-2026 के जरिए जैसलमेर-पोकरण क्षेत्र की सांस्कृतिक गरिमा, लोक कलाओं और पर्यटन संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

कार्यक्रम के दौरान उपखंड अधिकारी पोकरण हीर सिंह चारण, नगर पालिका पोकरण के अधिशासी अधिकारी जब्बर, विकास अधिकारी हनुमान राम, पर्यटन अधिकारी खेमेंद्र सिंह सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके साथ ही पोकरण एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक, महिलाएं, युवा तथा देश-विदेश से आए पर्यटक इस यादगार सांस्कृतिक संध्या के साक्षी बने।

मरू महोत्सव-2026 की यह सांस्कृतिक शाम पोकरण के रेतीले धोरों पर लंबे समय तक याद की जाने वाली ऐतिहासिक प्रस्तुति बन गई, जिसने यह सिद्ध कर दिया कि राजस्थान की लोक परंपराएं आज भी उतनी ही जीवंत, आकर्षक और वैश्विक मंच के योग्य हैं।

Related Articles

Back to top button