राजस्थानराज्य

राष्ट्रीय करणी सेना फिल्म फेस्टिवल आज, राजस्थानी फिल्मों और कलाकारों को मिलेगा नया मंच

राजस्थानी कला, संस्कृति और वीरता की गौरवशाली परंपरा को बड़े पर्दे और राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय करणी सेना द्वारा राष्ट्रीय करणी सेना फिल्म फेस्टिवल राजस्थान का आयोजन किया जा रहा है। इस फेस्टिवल का पोस्टर शुक्रवार को जवाहर कला केंद्र, जयपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लॉन्च किया गया।

पोस्टर लॉन्च कार्यक्रम में राष्ट्रीय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव सिंह शेखावत, अनिरुद्ध आचार्य, राष्ट्रीय सचिव कुलदीप सिंह भादवा, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष लक्ष्मी तंवर, राष्ट्रीय सचिव नरेंद्र सिसोदिया, प्रियंका इवेंट्स से प्रियंका एवं नितिन दुबे सहित कई गणमान्य लोग और कलाप्रेमी उपस्थित रहे। राष्ट्रीय करणी सेना फिल्म फेस्टिवल राजस्थान का आयोजन 31 जनवरी को मान पैलेस, गांधी पथ, जयपुर में किया जाएगा। फेस्टिवल का नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव सिंह शेखावत करेंगे। कार्यक्रम के दौरान फिल्म, रंगमंच, लोकनृत्य, लोकसंगीत, साहित्य, चित्रकला और अन्य सांस्कृतिक विधाओं से जुड़े कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव सिंह शेखावत ने कहा कि करणी सेना का उद्देश्य केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देश और विदेश तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि रंगमंच, लोककलाएं, पारंपरिक नृत्य-संगीत और साहित्य से जुड़े कलाकारों को संगठित मंच प्रदान करना करणी सेना की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्थानी फिल्मों के निर्माण को बढ़ावा देने, स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दिलाने और फिल्म निर्माण से जुड़े संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार से सहयोग मांगा जाएगा, साथ ही निजी संस्थानों और प्रोडक्शन हाउस को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।

शेखावत ने राज्य सरकार से अपील की कि क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों और फिल्मों में राजस्थान के स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाए। वक्ताओं ने बताया कि प्रदेशभर के कलाकारों को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से हर वर्ष राष्ट्रीय स्तर का बड़ा आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम में युवाओं को राजस्थानी कला, संस्कृति और इतिहास से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण और मार्गदर्शन योजनाओं की भी घोषणा की गई। साथ ही पद्म पुरस्कार से सम्मानित कलाकारों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर राज्य सरकार से संवाद करने की बात कही गई। आयोजकों के अनुसार यह फेस्टिवल राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को नई दिशा देने का कार्य करेगा।

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