राजस्थानराज्य

जयपुर में राजस्थानी सिनेमा और कलाकारों को मिला नया मंच

राजस्थानी कला, संस्कृति और वीरता की समृद्ध परंपरा को बड़े पर्दे और राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में राष्ट्रीय करणी सेना ने एक अहम पहल की है। जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय करणी सेना फिल्म फेस्टिवल ने न केवल राजस्थानी फिल्मों को बल्कि स्थानीय कलाकारों, लोक कलाकारों और रचनात्मक प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच प्रदान किया। फेस्टिवल की शुरुआत करणी मां की चिरजा स्तुति से हुई, जिससे पूरे आयोजन में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।

106 से अधिक कलाकार हुए सम्मानित

फेस्टिवल के दौरान कला और सिनेमा से जुड़े 106 से अधिक कलाकारों और प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। बेस्ट एक्टर, बेस्ट एक्ट्रेस, बेस्ट सिंगर, बेस्ट प्रोड्यूसर, बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर सहित कुल 25 कैटेगरी में अवार्ड प्रदान किए गए। इसके साथ ही तीन राउंड में फैशन शो का आयोजन किया गया, जिसने दर्शकों का खासा ध्यान आकर्षित किया।

लोक और आधुनिक संगीत का संगम

कार्यक्रम में लोक और आधुनिक संगीत का शानदार संगम देखने को मिला। प्रसिद्ध लोक गायिका सीमा मिश्रा, भंवर अली (बीकानेर), और अमेरिका गॉट टैलेंट से पहचान बनाने वाले संजय सगरिया सहित कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। फेस्टिवल की शोभा उस समय और बढ़ गई जब मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध अभिनेत्री भाग्यश्री ने मंच से कलाकारों को प्रेरित किया।

मुख्य अतिथियों और गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी

इस अवसर पर राष्ट्रीय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव सिंह शेखावत, अनिरुद्ध आचार्य, करणी सेना युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओकेंद्र राणा, बगरू विधायक कैलाश वर्मा, जे.डी. महेश्वरी, पवन गोयल, राष्ट्रीय सचिव कुलदीप सिंह भादवा, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष लक्ष्मी तंवर, राष्ट्रीय सचिव नरेंद्र सिसोदिया, प्रियंका इवेंट्स से प्रियंका और नितिन दुबे, गुलाबो सपेरा तथा पंडित विश्व मोहन भट्ट सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

शिव सिंह शेखावत ने की भविष्य की योजनाओं की घोषणा

फेस्टिवल का नेतृत्व कर रहे शिव सिंह शेखावत ने कहा कि करणी सेना का उद्देश्य केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि रंगमंच, लोकनृत्य, लोकसंगीत, चित्रकला, साहित्य और अन्य सांस्कृतिक विधाओं से जुड़े कलाकारों को भी मंच देना है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे आयोजन किए जाएंगे, ताकि प्रदेशभर के कलाकारों को पहचान, सम्मान और आपसी सहयोग के अवसर मिल सकें। इसके साथ ही राज्य सरकार से अपील की गई कि क्षेत्रीय और राष्ट्रीय आयोजनों में स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाए।

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