जीवनशैली

चुपके से आपके पेट को नुकसान पहुंचा रहे हैं 3 ‘फूड कॉम्बिनेशन’

हम अक्सर सोचते हैं कि हम तो घर का बना और ‘हेल्दी’ खाना ही खाते हैं, फिर भी पेट में भारीपन, गैस या ब्लोटिंग क्यों महसूस होती है? इसका जवाब आपकी खाने की थाली में नहीं, बल्कि उन फूड कॉम्बिनेशन्स (Harmful Food Combinations) में छिपा है जो आप अनजाने में साथ खा लेते हैं।

जी हां, हर खाने को पचाने का तरीका अलग होता है। जब हम दो अलग-अलग नेचर वाले खानों को मिला देते हैं, तो पेट में ‘जंग’ छिड़ जाती है। यहां जानिए उन 3 आम गलतियों के बारे में जो आपके डाइजेशन को चुपके से कमजोर बना रही हैं।

डेयरी के साथ खट्टे फल
क्या आपको भी स्ट्रॉबेरी शेक या पाइनएप्पल रायता पसंद है? स्वाद में ये भले ही लाजवाब लगें, लेकिन आपके पेट के लिए ये किसी दुश्मन से कम नहीं हैं। दूध की तासीर अलग होती है और खट्टे फलों (जैसे संतरा, अनानास, बेरीज) में एसिड होता है।

जब आप इन दोनों को साथ खाते हैं, तो पेट में जाकर दूध फटने लगता है। यह कॉम्बिनेशन आपकी पाचन अग्नि को धीमा कर देता है, जिससे एसिडिटी, गैस और यहां तक कि स्किन एलर्जी की समस्या भी हो सकती है। इसलिए, दूध पीने और खट्टे फल खाने के बीच कम से कम एक घंटे का अंतर जरूर रखें।

खाने के तुरंत बाद फल खाना
अगर आप खाने के बाद फल को ‘डेजर्ट’ की तरह खाते हैं, तो जान लें कि यह आदत आपके डाइजेशन के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक है। ऐसा इसलिए, क्योंकि फल बहुत जल्दी पच जाते हैं, जबकि अनाज (रोटी, चावल, दाल) को पचने में घंटों लगते हैं। यही वजह है कि फिर पेट फूलने और गैस की समस्या होती है। इसलिए, फलों को हमेशा खाली पेट या ‘स्नैक’ के तौर पर दो खानों के बीच में खाएं।

प्रोटीन के साथ हैवी स्टार्च
क्या आप भी चिकन के साथ ढेर सारे चावल या आलू खाना पसंद करते हैं या फिर राजमा-चावल पेट भरकर खाते हैं? प्रोटीन और स्टार्च का यह कॉम्बिनेशन पेट के लिए काफी भारी होता है।

दरअसल, प्रोटीन को पचाने के लिए पेट को ‘एसिडिक’ माहौल चाहिए और स्टार्च के लिए ‘एल्कलाइन’। जब आप दोनों भारी मात्रा में साथ खाते हैं, तो ये एक-दूसरे के प्रभाव को कम कर देते हैं। ऐसे में, खाना पचने के बजाय पेट में पड़ा रहता है, जिससे सुस्ती और भारीपन महसूस होता है। इसलिए, कोशिश करें कि प्रोटीन के साथ हरी सब्जियां ज्यादा खाएं और चावल या रोटी की मात्रा संतुलित रखें।

हमारी सेहत का रास्ता हमारे पेट से होकर गुजरता है। अगर आप इन छोटे-छोटे बदलावों को अपने रूटीन में शामिल कर लें, तो आप देखेंगे कि आपका एनर्जी लेवल बढ़ गया है और पेट से जुड़ी कई समस्याएं भी गायब होने लगी हैं।

Related Articles

Back to top button