नशे के खिलाफ इंदौर में बड़ा अभियान, हर पंचायत में बनेगी समिति

नशे की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए इंदौर प्रशासन ने व्यापक और सख्त कार्ययोजना लागू करने का निर्णय लिया है। जिले में स्कूल-कॉलेज से लेकर पंचायत स्तर तक नशामुक्ति जागरूकता समितियों का गठन किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को समय रहते जागरूक करना, अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई चेन तोड़ना और नशे से प्रभावित लोगों को उपचार व परामर्श से जोड़ना है।
बैठक में बनी रणनीति
कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जिलास्तरीय बैठक में नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि नशा समाज और भविष्य की पीढ़ी के लिए सबसे बड़ा खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस, शिक्षा संस्थान और नागरिक समाज के संयुक्त प्रयास से ही इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
सप्लाई चेन तोड़ने पर रहेगा फोकस
अवैध मादक पदार्थों के क्रय-विक्रय, भंडारण और परिवहन के खिलाफ लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए खुफिया सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान किया जाएगा। अंतर-जिला और अंतरराज्यीय संयुक्त कार्रवाई के साथ एनसीबी के साथ समन्वय बढ़ाया जाएगा। पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम के तहत आदतन अपराधियों की सूची साझा कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। तस्करी के हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी।
नशा मुक्त परिसर के लिए जनजागरण अभियान
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। नशा मुक्त परिसर अभियान के तहत बैनर-होर्डिंग, साइकिल रैली, नुक्कड़ नाटक, मैराथन और बाइक रैली आयोजित की जाएंगी। बसों, कचरा निपटान वाहनों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख चौराहों पर नशा विरोधी संदेश प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को नशे से दूर रखा जा सके।
दवाओं की अवैध बिक्री पर सख्ती
बैठक में यह भी तय किया गया कि दोहरे उपयोग वाली दवाओं की अवैध बिक्री पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। अधिकृत थोक और खुदरा विक्रेताओं की सूची साझा की जाएगी और मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच होगी। इसका उद्देश्य नशे के वैकल्पिक स्रोतों पर प्रभावी रोक लगाना है।
पुनर्वास और उपचार व्यवस्था मजबूत होगी
जिले के सरकारी और निजी नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्रों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का निर्णय लिया गया है। नियमित निरीक्षण और ट्रैकिंग के जरिए उपचार की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि नशे से प्रभावित युवाओं को समय पर सहायता और परामर्श मिल सके। बैठक में नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर राजेश कुमार सिंह, डीसीपी आनंद कलादगी और प्रकाश परिहार, एडीएम रोशन राय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



