झारखंडराज्य

निशिकांत दुबे के ‘किताब वार’ से थर्राई लोकसभा, सदन से लेकर सोशल मीडिया तक छिड़ी जंग

लोकसभा की कार्यवाही के दौरान बुधवार को उस वक्त भारी ड्रामा देखने को मिला, जब भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने कई पुस्तकों का हवाला देते हुए नेहरू-गांधी परिवार पर तीखा हमला बोला। दुबे सदन में छह किताबें लेकर पहुंचे थे, जिनके अंश पढ़ते हुए उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। विपक्षी सदस्यों के भारी विरोध और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को शाम 5 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

दोपहर लगभग 2 बजे धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान निशिकांत दुबे ने कांग्रेस और गांधी परिवार के खिलाफ कुछ ऐसी टिप्पणियों का प्रयोग किया, जिन्हें बाद में लोकसभा के रिकॉर्ड से हटा दिया गया। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि सदन में एक ऐसी किताब की चर्चा की जा रही है जो अभी प्रकाशित भी नहीं हुई है, जबकि वे उन स्थापित किताबों का प्रमाण दे रहे हैं जिनमें कांग्रेस परिवार की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए हैं।

चर्चित और विवादास्पद पुस्तकों का उल्लेख
दुबे ने अपने भाषण में कई चर्चित और विवादास्पद पुस्तकों का उल्लेख किया। उन्होंने एडविना माउंटबेटन और पंडित जवाहरलाल नेहरू के संबंधों से जुड़े दावों का जिक्र किया। इसके साथ ही नेहरू के पूर्व निजी सचिव एम.ओ. मथाई द्वारा लिखी गई किताब के हवाले से कई बातें कहीं।

उन्होंने ‘द रेड साड़ी’, ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ और आपातकाल व बोफोर्स घोटाले पर आधारित किताबों का संदर्भ देते हुए कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और धीरेंद्र ब्रह्मचारी के संदर्भ में भी उन्होंने तीखी बातें कहीं।

स्पीकर के पास पहुंचे विपक्षी सांसद
दुबे के भाषण से आक्रोशित विपक्षी सांसद इस मामले की शिकायत लेकर लोकसभा स्पीकर के पास पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, स्पीकर ने इस विषय पर विपक्षी दलों से लिखित शिकायत मांगी है ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

सदन में मचे बवाल के बाद भी निशिकांत दुबे के तेवर नरम नहीं पड़े। उन्होंने शाम करीब 4:30 बजे अपने सोशल मीडिया हैंडल (X) पर जवाहरलाल नेहरू द्वारा जनरल करियप्पा को लिखी गई एक पुरानी चिट्ठी साझा कर इस विवाद को और हवा दे दी। उन्होंने लिखा,’ कुछ कहूँगा तो बवाल हो जाएगा,कांग्रेस की लंका में आग लग जाएगी? नेहरू- गांधी परिवार जानी दुश्मन हो जाएगा?’

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