शबरी जयंती और भानु सप्तमी का शुभ संयोग

पंचांग के अनुसार, आज यानी 8 फरवरी को फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि है। इस तिथि पर शबरी जयंती और भानु सप्तमी मनाई जाती है। इस अवसर पर माता शबरी और सूर्य देव की पूजा-अर्चना करने का विधान है। इससे साधक को शुभ फल की प्राप्ति है। आज कई योग भी बन रहे हैं। ऐसे में आइए जानते हैं आज का पंचांग के बारे में।
तिथि: कृष्ण सप्तमी
मास: फाल्गुन
दिन: रविवार
संवत्: 2082
तिथि: कृष्ण सप्तमी – अगले दिन प्रातः 05:01 बजे तक (09 फरवरी)
योग: गण्ड – रात्रि 12:08 बजे तक (09 फरवरी)
करण: विष्टि (भद्रा) – दोपहर 03:54 बजे तक
करण: बव – अगले दिन प्रातः 05:01 बजे तक (09 फरवरी)
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय का समय: प्रातः 07 बजकर 05 मिनट पर
सूर्यास्त का समय: सायं 06 बजकर 06 मिनट पर
चंद्रोदय का समय: 09 फरवरी को रात्रि 12 बजकर 23 मिनट पर
चंद्रास्त का समय: प्रातः 10 बजकर 33 मिनट पर
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 57 मिनट तक
अमृत काल: रात्रि 07 बजकर 18 मिनट से रात्रि 09 बजकर 04 मिनट तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: सायं 04 बजकर 43 मिनट से सायं 06 बजकर 06 मिनट तक
गुलिकाल: दोपहर 03 बजकर 21 मिनट से सायं 04 बजकर 43 मिनट तक
यमगण्ड: दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से दोपहर 01 बजकर 58 मिनट तक
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: मकर राशि में स्थित हैं।
चन्द्र देव: तुला राशि में स्थित हैं।
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव स्वाति नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
स्वाति नक्षत्र: प्रातः 05:02 बजे तक (09 फरवरी)।
सामान्य विशेषताएं: स्वतंत्र स्वभाव, लचीलापन, शिष्टाचार, बुद्धिमत्ता, आत्मसंयम, समाजप्रियता, संवेदनशीलता, शांत स्वभाव, शालीनता और आकर्षक व्यक्तित्व
नक्षत्र स्वामी: राहु देव
राशि स्वामी: शुक्र देव
देवता: पवन देव (पवन के देवता)
प्रतीक: हवा में झुकती हुई एक नई कली
भानु सप्तमी का धार्मिक महत्व
भानु सप्तमी हिंदू पंचांग की एक पवित्र तिथि मानी जाती है, जो रविवार के दिन पड़ने वाली सप्तमी तिथि को आती है। यह दिन विशेष रूप से सूर्य देव की उपासना के लिए समर्पित होता है। मान्यता है कि भानु सप्तमी के दिन विधिपूर्वक सूर्य को अर्घ्य देने से स्वास्थ्य, तेज और आत्मबल में वृद्धि होती है। इस दिन व्रत रखने और सूर्य मंत्रों का जप करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा रोग और मानसिक अशांति से मुक्ति मिलती है। सूर्य को जल अर्पित कर दिन की शुरुआत करना भानु सप्तमी का मुख्य महत्व माना गया है।
आज के दिन क्या करें?
प्रातः काल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
तांबे के पात्र में जल, लाल पुष्प और अक्षत डालकर सूर्य को अर्घ्य दें।
अर्घ्य देते समय सूर्य मंत्र या गायत्री मंत्र का जप करें।
इस दिन व्रत रखना या सात्विक भोजन करना शुभ माना जाता है।
आदित्य हृदय स्तोत्र या सूर्य स्तुति का पाठ करें।
जरूरतमंद लोगों को गेहूं, गुड़ या लाल वस्त्र का दान करें।
दिनभर सत्य, संयम और सकारात्मक विचारों का पालन करें।




