पंजाबराज्य

पावरकॉम ने सरकारी विभागों के दफ्तरों में लगाए स्मार्ट मीटर, डिफॉल्टर विभागों की बढ़ेंगी परेशानियां

पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन द्वारा लुधियाना जिले से संबंधित सभी सरकारी विभागों के कार्यालय में बिजली के स्मार्ट मीटर लगा दिए गए हैं। पावरकॉम द्वारा फिलहाल इसमें सरकारी अस्पतालों को शामिल नहीं किया गया है। उक्त सभी स्मार्ट मीटरों को प्री पेड मीटरों में बदलने का नोटिफिकेशन जारी होते ही विभाग द्वारा बड़ा एक्शन लिया जाएगा, जिसके कारण डिफाल्टर सरकारी विभागों की परेशानियां बढ़नी तय मानी जा रही हैं।

पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन के विभागीय सूत्रों की मानें तो लगभग सभी पुलिस थानों सहित सरकारी विभागों से संबंधित कार्यालय पावरकॉम विभाग के बड़े डिफाल्टर हैं जिन पर करोड़ों रु. के बिजली बिल की राशि बकाया खड़ी हुई है और बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद भी अधिकतर सरकारी कार्यालय में तैनात अधिकारियों द्वारा कभी बिजली के बिल जमा नहीं करवाए गए हैं। बल्कि कई जगह पर तो बिजली की सीधी कुंडी डालने की जानकारी भी सामने आती रहती है, जिसके कारण पावरकॉम विभाग के सिर पर आर्थिक संकट लगातार गहराता जा रहा है।

अधिकारी ने कहा नोटिफिकेशन जारी होते ही मोबाइल फोन रिचार्ज करवाने की तरह ही सभी सरकारी विभागों के कार्यालय में तैनात अधिकारियों को बिजली के बिल पहले जमा करवाने पड़ेंगे। इसके हिसाब से ही वह बिजली के यूनिट का इस्तेमाल कर सकते हैं। रिचार्ज खत्म होते ही कार्यालय में बिजली की सप्लाई बंद हो जाएगी।

यहां इस बात का जिक्र करना अनिवार्य होगा कि पावरकॉम विभाग द्वारा शहर भर में डिफाल्टर उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बिजली के बकाया बिल जमा नहीं करवाने वाले उपभोक्ताओं के बिजली कनैक्शन काटने के साथ ही मीटर तक जब्त किए जा रहे हैं, जिसमें 100000 रु. से ऊपर की बकाया राशि वाले सभी उपभोक्ताओं की शामत आई हुई है जबकि दूसरी तरफ पावरकॉम विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक लोकल गवर्नमैंट, पावर सप्लाई एंड सैनिटेशन, सेहत एवं परिवार कल्याण, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग, सीवरेज बोर्ड, जेल प्रशासन, लीगल एंड लॉजिस्टिक अफेयर्स, शिक्षा विभाग और प्रशासन सुधार विभाग आदि पावरकॉम विभाग के करोड़ों रुपए के डिफाल्टर बताए जा रहे हैं, जिन्होंने पूरे जोशो खरोश के साथ बिजली जलने के बाद लंबे समय तक बिल की अदायगी नहीं की है।

ऐसे में अगर पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन द्वारा प्रीपेड मीटर योजना को लागू कर दिया जाता है तो पंजाब भर में अधिकतर पुलिस स्टेशन और सरकारी विभागों के कार्यालय में तैनात अधिकारियों द्वारा समय पर बिजली का बिल नहीं चुकाने जैसे हालातों में कार्यालय में अंधेरा छाने जैसी संभावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

मामले संबंधी बातचीत करते हुए पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन ईस्ट सर्कल के डिप्टी चीफ इंजीनियर सुरजीत सिंह ने बताया कि सरकारी आदेशों के मुताबिक उनकी टीम द्वारा सभी सरकारी विभागों से संबंधित कार्यालय में बिजली के पुराने मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगा दिए गए हैं।

एक सवाल के जवाब में सुरजीत सिंह ने कहा कि फिलहाल स्मार्ट मीटर को प्रीपेड मीटर योजना के सांचे में नहीं ढाला गया है। उन्होंने कहा आगे चलकर पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन के उच्च अधिकारियों द्वारा जो भी निर्देश दिए जाएंगे उनकी तुरंत प्रभाव से पालना की जाएगी। उन्होंने कहा विभाग की यह योजना पूरे पंजाब में लागू होने जा रही है।

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