
राजस्थान के कोटा में शनिवार रात नौ बजे बाद कंपन के साथ एक तीन मंजिला भवन के गिर गया। इसके मलबे में दबकर एक युवक व महिला की मौत हो गई। दो दर्जन से अधिक लोग मलबे में दबे हुए थे, जिनमें से देर रात तक दस लोगों को बाहर निकाल लिया गया था। घायलों में चार की हालत गंभीर है।
जिला कलक्टर पीयूष सामरिया ने बताया कि मलबे में अभी कुछ लोग दबे हैं। हालांकि इनकी सही संख्या बताना मुश्किल है। सूत्रों के मुताबिक, मलबे में छह से सात लोगों के और दबे होने की आशंका है।
राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, भाजपा विधायक संदीप शर्मा व जिला कलक्टर पीयूष सामरिया मौके रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन पर निगरानी रख रहे थे। आसपास के लोगों ने बताया कि अचानक तेज आवाज के साथ भवन गिर गया।
हादसे के बाद सुरक्षा कारणों से क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति बंद की गई है। क्षतिग्रस्त भवन के पीछे एक तीन मंजिला मकान में पिछले कई दिनों से काम चल रहा था। प्रतिदिन ड्रिल मशीन और हैमर सहित अन्य मशीनें चलती रही थीं, जिससे क्षतिग्रस्त हुए भवन में तीन दिन से कंपन हो रहा था। शनिवार रात नौ बजे बाद अचानक भवन गिर गया।
अलवर में खनन के दौरान सौ फीट गहरी खाई में गिरा पोकलेन ऑपरेटरअलवर में खनन के दौरान पहाड़ का एक हिस्सा ढह जाने से पोकलेन मशीन और उसका ऑपरेटर करीब सौ फीट गहरी पानी से भरी खाई में गिर गया। खाई में गिरा ऑपरेटर बिहार के बक्सर का रहने वाला है।
हादसा शुक्रवार देर शाम हुआ, लेकिन अंधेरे के कारण बचाव कार्य शुरू नहीं किया जा सका। शनिवार सुबह एनडीआरएफ ने रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया। तमाम प्रयास के बावजूद शाम तक परेटर को बाहर नहीं निकाला जा सका था।
स्थानीय तहसीलदार ने बताया कि गहरी खाई में पानी भरे होने से बचाव कार्य में मुश्किल आ रही है। लोगों ने बताया कि पहाड़ से करीब 50 टन मलबा व पत्थर नीचे गिरा, जिनकी चपेट में पोकलेन मशीन और उसका ऑपरेटर आ गया। आरोप है कि वहां अवैध खनन भी हो रहा था।




