झारखंडराज्य

धनबाद मेडिकल कालेज में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग

शहीद निर्मल महतो मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल( SNMMCH) धनबाद में संयुक्त सचिव के जाने के महज दो घंटे बाद शाम 5:30 बजे स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के कार्यालय में भीषण आग लग गई। आग लगने से कार्यालय में रखे तमाम सरकारी रिकार्ड, एयर कंडीशन, फर्नीचर, पंखे सभी जल गए।

कर्मचारी शाम पांच बजे कार्यालय बंद कर अपने-अपने घर लौटे। इसके कुछ ही देर में कार्यालय से आग की लपटे और धुआं निकलने लगा। बगल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में धुआं भरने लगा। मरीजों में आपाधापी मच गई। मरीज और तीमारदार बाहर निकल गए। तत्काल इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन को दी गई।

आग लगने की सूचना पर काफी संख्या में होमगार्ड के जवान और कर्मचारी पहुंच गए। अंदर से धुआं और आग की लपेटें और तेज होती गई। इसके बाद अस्पताल में रखे अग्नि समन यंत्र लेकर होमगार्ड के जवान कार्यालय के पास पहुंच गए। जबरन बाहर से कार्यालय के गेट की कुंडी को तोड़ा गया। इसके बाद अग्निशमन यंत्र से आग पर काफी मशक्कत के बाद काबू पाया गया।

अग्निशमन विभाग के आने से पहले बुझ गई आग
आग लगने की सूचना के बाद तुरंत इसकी जानकारी अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को दी गई। अग्निशमन विभाग की ओर से आग बुझाने के लिए दमकल अस्पताल की ओर रवाना हो गई। हालांकि दमकल के आने से पहले होमगार्ड के जवानों और कर्मियों की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया।

घटना की सूचना पाकर अस्पताल के अध्यक्ष डा. दिनेश कुमार गिंदौरिया, वरीय अस्पताल प्रबंधक डा. चंद्रशेखर सुमन समेत अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। वरीय अस्पताल प्रबंधक डा.सुमन ने कहा कि होमगार्ड की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया।

शार्ट सर्किट से लगी आग, कई जरूरी पहले रख
बताया गया कि कार्यालय के पास दो अलग-अलग बोर्ड लगाए गए हैं। एक पुराना बोर्ड से शार्ट सर्किट से आग लगी है। बोर्ड पूरी तरीके से जलकर राख हो गया। अस्पताल में मरीजों से संबंधित तमाम रिकार्ड, जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत भुगतान की गई राशि के रिकार्ड, मरीजों के आपरेशन और इलाज से संबंधित रिकार्ड जलकर राख हो गए।

कई सरकारी पत्र और डाक्यूमेंट भी जल गए। हालांकि अस्पताल प्रबंधन इसकी जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित बिजली कर्मियों को इस दुरुस्त करने को कहा है। ज्ञात हो कि एसएनएमएमसीएच के डायलिसिस वार्ड में एक मार्च 2024 की रात भीषण आग लग गई थी।

इससे करोड़ों का सामान जलकर राख हो गए घे। इसके पीछे भी शार्ट सर्किट कारण बताया गया था। इसके बाद पूरे अस्पताल में डेढ़ करोड़ की लागत से वायरिंग बदली गई थी। लेकिन फिस से शार्ट सर्किट ने प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है।

Related Articles

Back to top button