अन्तर्राष्ट्रीय

एपस्टीन फाइल्स: अमेरिका, ब्रिटेन, नॉर्वे से लेकर फ्रांस तक… दुनिया भर में कई इस्तीफे

अमेरिका के कुख्यात सेक्स अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज जैसे-जैसे सामने आ रहे हैं, दुनिया भर में हलचल तेज हो गई है।

इन खुलासों में पैसों की लेन-देन, सोशल संपर्क और निजी मुलाकातों से जुड़ी जानकारी है। हजारों ईमेल्स, फोटो और वीडियो में एपस्टीन और उससे जुड़े लोगों के काले कारनामे का खुलासा हो रहा है।

इसी वजह से दुनियाभर में कई ऊंचे पदों पर बैठे लोग दबाव में आकर इस्तीफा दे रहे हैं। हाल ही में ब्रिटेन और नोर्वे में भी कई हस्तियों ने इस्तीफा दिया है।

एपस्टीन फाइलों के खुलासे से दुनिया भर में हलचल

इन खुलासों के बाद ब्रिटेन के पीएम कीर स्टारमर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी को इस्तीफा देना पड़ा। मॉर्गन पर दबाव इसलिए बढ़ा क्योंकि उन्होंने पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत बनाने की सलाह दी थी। मॉर्गन ने अब माना कि उनकी यह सलाह गलत थी, इसी की जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

इस कड़ी में नॉर्वे में भी कई बड़े नेताओं ने इस्तीफा दिया। विदेश मंत्रालय के मुताबिक वरिष्ठ राजनयिक मोना जूल भी एपस्टीन से संबंधों के चलते जल्द ही पद छोड़ेंगी।

66 साल की मोना इससे पहले नॉर्वे की सरकार में मंत्री रह चुकी हैं, साथ ही इजरायल, ब्रिटेन और USA में नॉर्वे की राजदूत भी रह चुकी हैं।

अमेरिका में कितना असर

एपस्टीन फाइल्स का सबसे भयानक असर अमेरिका में दिखा. फरवरी 2026 में, ब्रैड कार्प ने एक प्रमुख लॉ फर्म के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया, क्योंकि उनके एपस्टीन से ईमेल संपर्क उजागर हो गए थे।

इससे पहले, नवंबर 2025 में लैरी समर्स ने एक बोर्ड पद छोड़ दिया और स्वीकार किया कि एपस्टीन से संबंध रखना उनकी भूल थी।

दिसंबर 2025 में, एफबीआई के डिप्टी डायरेक्टर डैन बोंजिनो ने भी विवाद के बीच अपना पद छोड़ दिया। हालांकि उनके मामले में सीधे संबंध साबित नहीं हुए, लेकिन फाइलों से जुड़े विवाद ने उन पर दबाव बढ़ा दिया।

यूरोप में भी नेताओं पर पड़ा प्रभाव

यूरोप में एपस्टीन फाइल्स का प्रभाव स्पष्ट रूप से नजर आया। फ्रांस के पूर्व मंत्री जैक लैंग ने एक सांस्कृतिक संस्थान के प्रमुख पद से इस्तीफा दिया। स्लोवाकिया में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मिरोस्लाव लाजचाक ने ईमेल विवाद के बाद अपना पद छोड़ दिया।

स्वीडन में एक अधिकारी ने एपस्टीन के निजी द्वीप से जुड़े आरोपों के सामने आने पर इस्तीफा दे दिया। महत्वपूर्ण बात यह है कि ये इस्तीफे अपराध सिद्ध होने के कारण नहीं, बल्कि मात्र संपर्क उजागर होने से उत्पन्न विवाद और जन दबाव के चलते हुए। संस्थानों की प्रतिष्ठा बचाने के लिए कई ने पद छोड़ना उचित समझा।

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