मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए इस साल महाशिवरात्रि पर करें ये आसान उपाय

शिव और पार्वती के दिव्य मिलन का पावन पर्व महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाया जाएगा। यह सभी शिव भक्तों के लिए बेहद खास होता है और इसे प्रभु की कृपा पाने का शानदार अवसर माना जाता है। यही नहीं महाशिवरात्रि पर विधि-विधान से शिवलिंग की पूजा-अर्चना करने से भोलेनाथ शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं मनचाहा जीवनसाथी की कामना पूरी करते हैं। कहते हैं कि, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप की थी। इसलिए महाशिवरात्रि पर पूरे विधि-विधान से उपवास रखने से योग्य वर की प्राप्ति होती हैं। लेकिन अगर पूरी श्रद्धा से शिव-पार्वती की आराधना के साथ कुछ आसान उपाय भी किए जाएं, तो मनचाहे साथी की प्राप्ति व सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद भी मिलता है। ऐसे में आइए इन उपायों को जानते हैं।
महाशिवरात्रि पूजा मुहूर्त 2026
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय – शाम 06:39 से 09:45
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय -शाम 09:45 से 12:52
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय – सुबह 12:52 से 03:59
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – सुबह 03:59 से 07:06
निशिता काल पूजा समय – सुबह 12:28 से 01:17
महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर केसर मिला हुआ दूध अर्पित करें। इस दौरान आप ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करते रहें। फिर माता पार्वती को लाल चुनरी और चूड़ियां चढ़ाएं। मान्यता है कि, इस उपाय से मनचाहा वर पाने की कामना पूर्ण होती हैं।
महाशिवरात्रि पर जल में दूर्वा शामिल करें और शिवलिंग का अभिषेक करें। इस दौरान महादेव को चंदन लगाएं और अपनी मनोकामनाओं का स्मणर करें। इससे सकारात्मक परिणामों की प्राप्ति होती हैं।
इस दिन आप उपवास रखें। जलाभिषेक के बादॐ गौरीशंकराय नमः मंत्र का जाप करें। शिव और पार्वती की चालीसा का पाठ करें। इससे प्रेम जीवन सुखमय बनता है।
इस दिन आप अपनी क्षमतानुसार चीजों का दान करें। इससे जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती हैं।
शिवलिंग पर शहद और चंदन अर्पित करें। इसके बाद शिव चालीसा का पाठ करते हुए महादेव के 108 नामों का जाप कर लें। मान्यता है कि, इससे योग्य वर की प्राप्ति होती हैं।
महाशिवरात्रि के शुभ दिन पर कच्चा दूध से अभिषेक करें। इसके बाद आप प्रभु के मंत्रों का जाप करें। यह रिश्तों में ऊर्जा लेकर आता है।
महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर 21 बेलपत्र रखें। इस दौरान आप भांग, धतूरा और सफेद पुष्प भी प्रभु को अर्पित करें। इससे प्रेम विवाह की कामना पूर्ण होती हैं।




