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टैरिफ पर ट्रंप का डबल गेम! भारत के साथ डील के बाद बांग्लादेश को दी राहत

भारत के साथ ट्रेड डील के बाद अमेरिका ने बांग्लादेश के साथ भी ट्रेड एग्रीमेंट की घोषणा की है। इस समझौते के तहत बांग्लादेश से आयातित कुछ कपड़ों पर शून्य टैरिफ लगेगा। इस खबर से भारतीय टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई, जिनमें गोकलदास एक्सपोर्ट्स, केपीआर मिल और अरविंद शामिल हैं।

भारत के साथ ट्रेड डील (India-US Trade Deal) के एलान के बाद अमेरिका ने बांग्लादेश के साथ भी व्यापार समझौते की घोषणा कर दी है। लेकिन, अमेरिकी सरकार का यह एलान भारत की टेक्सटाइल्स कंपनियों के लिए बड़ा झटका साबित हुआ, और भारतीय टेक्सटाइल्स कंपनियों (Textiles Shares) के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इनमें गोकलदास एक्सपोर्ट्स के शेयर 5 प्रतिशत से अधिक गिरकर 796.45 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे थे, जबकि केपीआर मिल और अरविंद के शेयरों में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। पर्ल ग्लोबल इंडस्ट्रीज के शेयरों में 3.5 प्रतिशत से ज्यादा गिर गए हैं। इससे पहले सभी टेक्सटाइल्स शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी।

क्यों गिरे टेक्सटाइल्स शेयर?
अमेरिका और बांग्लादेश के बीच हुए समझौते के तहत, यूएस ने एक ऐसा सिस्टम बनाने की प्रतिबद्धता जताई है जिससे बांग्लादेश से आयातित कुछ कपड़ों और गारमेंट्स पर जीरो रेसिप्रोकल टैरिफ लागू हो सके। अमेरिका की ओर से जारी बयान में कहा गया है, “इस सिस्टम के तहत बांग्लादेश से आयातित वस्त्रों और परिधानों की एक निश्चित मात्रा अमेरिका में इस कम शुल्क पर प्रवेश कर सकेगी, लेकिन यह मात्रा अमेरिका से निर्यात होने वाले वस्त्रों की मात्रा के आधार पर निर्धारित की जाएगी, उदाहरण के लिए अमेरिका में उत्पादित कपास और मानव निर्मित फाइबर वस्त्र सामग्री।”

इससे पहले भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील के अनुसार, अमेरिका भारतीय टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट पर रेसिप्रोकल टैरिफ को मौजूदा 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। इससे भारतीय वस्त्र निर्यातकों को मौजूदा स्तर से कम टैरिफ का लाभ तो मिलेगा, लेकिन उन्हें कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा क्योंकि बांग्लादेशी निर्यातकों को अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले वस्त्रों पर कोई टैरिफ नहीं देना होगा।

हालांकि, बांग्लादेशी निर्यात पर अमेरिका का कुल टैरिफ घटकर 19 प्रतिशत हो गया है, जो भारत के 18 प्रतिशत से थोड़ा अधिक है। दोनों देशों ने अपने संयुक्त बयान में कहा, “यह समझौता अमेरिकी और बांग्लादेशी निर्यातकों को एक-दूसरे के बाजारों तक अभूतपूर्व पहुंच प्रदान करेगा। यह समझौता हमारे लॉन्ग टर्म इकोनॉमिक रिलेशन को और मजबूत करेगा।”

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