झारखंडराज्य

झारखंड विधानसभा होगी पेपरलेस: मंत्रियों-विधायकों को मिलेगा टैबलेट

राज्य सरकार के मंत्रियों और विधायकों को विधायी कामकाज के लिए टैब दिया जाएगा। इससे पहले उन्हें इसका प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। झारखंड विधानसभा में राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (एनईवीए) के संचालन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने सोमवार को विधानसभा के सभा वेश्म में लगाए गए डिजिटल उपकरणों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

प्रशिक्षण के दौरान मंत्रियों एवं विधानसभा सदस्यों को कंप्यूटर टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनके माध्यम से वे नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन का उपयोग करना सीखेंगे। आगामी बजट सत्र से झारखंड विधानसभा की कार्यवाहियों का संचालन आंशिक रूप से इसी प्लेटफार्म के माध्यम से किए जाने की योजना है। बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में इसका शुभारंभ होगा।

एनईवीए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म है, जिसके जरिए विधानसभा के विधायी कार्यों जैसे प्रश्नोत्तर, कार्यसूची, विधेयक, प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण सूचनाओं का पूरी तरह पेपरलेस संचालन संभव होगा। इसके साथ ही सदन की कार्यवाहियों एवं समितियों के प्रतिवेदनों का डिजिटल अभिलेख भी तैयार किया जा सकेगा।

झारखंड विधानसभा में एनईवीए के क्रियान्वयन से न केवल कार्यकुशलता में वृद्धि होगी, बल्कि पारदर्शिता और समयबद्धता भी सुनिश्चित होगी। यह पहल राज्य को डिजिटल विधान व्यवस्था की दिशा में अग्रणी बनाने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री करेंगे एनईवीए सेवा केंद्र का उद्घाटन
11 फरवरी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड विधानसभा परिसर में एनईवीए सेवा केंद्र का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर सहित राज्य सरकार के सभी मंत्री एवं विधानसभा के सभी सदस्यों आमंत्रित किया गया है।

उद्घाटन कार्यक्रम के साथ ही तकनीकी पहलुओं पर मंत्री एवं विधानसभा सदस्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण झारखंड विधानसभा के सेंट्रल हॉल में दोपहर 12:30 बजे से प्रारंभ होगा। प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए विधानसभा सचिवालय द्वारा सभी संबंधितों को सूचना दे दी गई है।

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