कमजोर Q3 नतीजों से औंधे मुंह गिरा LG Electronics का शेयर

एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स (LG Electronics Share Price) का वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में शुद्ध लाभ 61.58% गिरकर 89.67 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल यह 233.45 करोड़ रुपये था। इस खबर के बाद कंपनी के शेयर में गिरावट दर्ज की गई। कमजोर व्यापार, त्योहारों के बाद की सुस्ती, ब्रांड पोजिशनिंग बचाने के लिए मूल्य छूट से बचना, और कमोडिटी महंगाई को मुनाफे में गिरावट का मुख्य कारण बताया गया है।
प्रमुख इक्विपमेंट और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर कंपनी एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड का वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट (कंसोलिडेटेड) सालाना आधार पर 61.58 फीसदी की गिरावट के साथ 89.67 करोड़ रुपये रह गया। एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स ने पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 233.45 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। कंपनी ने बुधवार को तीसरी तिमाही के अपने वित्तीय परिणामों की जानकारी दी। इसी के बाद आज कंपनी के शेयर (LG Electronics Share Price) में गिरावट दिख रही है।
कितना फिसला एलजी का शेयर?
मुनाफे में भारी गिरावट के बाद आज एलजी का शेयर BSE पर 1518.15 रुपये के पिछले क्लोजिंग लेवल के मुकाबले 1421.05 रुपये पर खुला और 1394.25 रुपये के निचले स्तर तक फिसला। करीब सवा 11 बजे ये 57.70 रुपये या 3.80 फीसदी की गिरावट के साथ 1460.45 रुपये पर है।
रेवेन्यू में भी गिरावट
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान एलजी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 4,114.4 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 4,395.53 करोड़ रुपये रहा था। पिछले साल अक्टूबर में लिस्ट होने के बाद से, यह एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया का दूसरा तिमाही परिणाम है।
क्यों कमजोर रहे तिमाही नतीजे?
LG के Q3FY26 के आंकड़ों पर त्योहारों के बाद के सीजन और कमजोर ट्रेड और कंज्यूमर ऑफटेक का असर पड़ा। माना जा रहा है कि कंपनी ने अपनी ब्रांड पोजिशनिंग को बचाने के लिए जान-बूझकर प्राइस डिस्काउंटिंग से परहेज किया, जिससे मार्जिन पर असर पड़ा।
साथ ही ज्यादा कमोडिटी महंगाई और करेंसी में गिरावट से तिमाही के दौरान प्रॉफिटेबिलिटी पर और असर पड़ा।





