अध्यात्म

कुंभ संक्रांति आज, न करें ये गलतियां

हिंदू धर्म में संक्रांति का विशेष महत्व है। जब सूर्य देव एक राशि को छोड़कर दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उसे ‘संक्रांति’ कहा जाता है। 13 फरवरी 2026 यानी आज के दिन सूर्य देव मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जिसे कुंभ संक्रांति के नाम से जाना जाता है।

यह दिन दान, स्नान-दान के लिए बहुत शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन किए गए कामों का फल कई गुना बढ़कर मिलता है। आइए जानते हैं कुंभ संक्रांति पर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

कुंभ संक्रांति पर क्या करें?
इस दिन गंगा, यमुना या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करना मोक्ष दायक माना जाता है। अगर बाहर जाना मुश्किल है, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
संक्रांति के दिन सुबह जल्दी उठकर तांबे के लोटे में जल, लाल फूल और अक्षत डालकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें। इससे करियर में उन्नति मिलती है।
कुंभ संक्रांति पर दान का विशेष महत्व है। ऐसे में इस दिन जरूरतमंदों को अनाज, गर्म कपड़े, तिल और गुड़ का दान करें।
इस दिन पितरों के निमित्त दान करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
वहीं, अगर आप आत्मविश्वास में कमी महसूस करते हैं या आपके कार्यक्षेत्र में बाधा आ रही है, तो इस दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ जरूर करें।

क्या न करें
इस पावन दिन पर मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक भोजन का सेवन बिल्कुल न करें। सात्विक भोजन ही करें।
संक्रांति के दिन किसी को बुरा-भला कहना या झगड़ा करना आपके पुण्य फलों को नष्ट कर सकता है। ऐसे में वाणी में मधुरता बनाए रखें।
इस दिन सूर्योदय के बाद तक सोना शुभ नहीं माना जाता। कोशिश करें कि जल्दी उठें।
धार्मिक दृष्टि से इस दिन किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहना चाहिए, वरना कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर हो सकती है।

सूर्य पूजन मंत्र
ॐ सूर्याय नमः।।
ॐ घृणिः सूर्याय नमः।।
ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते,
अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।।

Related Articles

Back to top button