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 256 साल का पूर्णिया! स्थापना दिवस पर उत्सव में डूबेगा जिला, मैराथन से होगी शुरुआत

पूर्णिया जिला आज अपने स्थापना के 256वें साल में प्रवेश कर रहा है। शनिवार, 14 फरवरी को जिले का स्थापना दिवस पूरे उत्साह और खुशी के साथ मनाया जाएगा। जिला प्रशासन ने मरंगा स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज के पीछे बने नए आर्ट गैलरी और प्रेक्षागृह परिसर में इसकी पूरी तैयारी कर ली है। यह दिन सिर्फ जश्न का नहीं, बल्कि जिले की पुरानी पहचान को याद करने और आगे बढ़ने का संकल्प लेने का भी है।

मुख्य अतिथि और खास मेहमान
आज के मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन लेशी सिंह करेंगी, जो बिहार सरकार में खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री हैं। इस मौके पर उद्योग और पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, किशनगंज के सांसद डॉ. मो. जावेद, नगर निगम की महापौर विभा कुमारी सहित जिले के सभी विधायक और विधान पार्षद शामिल होंगे। जनप्रतिनिधि और अफसर मिलकर जिले के आने वाले दिनों की योजनाओं पर भी बात करेंगे।

मैराथन और खेल प्रतियोगिताएं
स्थापना दिवस की शुरुआत एक बड़ी मैराथन दौड़ से होगी। “रन फॉर पूर्णिया” के संदेश के साथ होने वाली इस दौड़ में अफसर, युवा और आम लोग साथ दौड़ेंगे। इसके बाद खेल भवन में अलग-अलग खेल मुकाबले होंगे, जहां जिले के खिलाड़ी अपनी काबिलियत दिखाएंगे। इन आयोजनों का मकसद युवाओं को सेहत और अनुशासन के लिए जागरूक करना है।

विकास मेला, फूलों की प्रदर्शनी और सम्मान
मुख्य कार्यक्रम स्थल पर कई सरकारी विभागों की तरफ से एक बड़ा विकास मेला लगाया जाएगा। यहां खेती से जुड़ी मशीनें, सरकारी योजनाएं और नई तकनीक की जानकारी मिलेगी। साथ ही फूल और बागवानी की खास प्रदर्शनी भी होगी, जहां तरह-तरह के पौधे और फूल देखने को मिलेंगे। खाने-पीने के शौकीनों के लिए व्यंजन मेला भी लगेगा। इस दौरान जिले का नाम रोशन करने वाले होनहार छात्र-छात्राओं, अच्छे काम करने वाले किसानों और समाजसेवियों को सम्मानित किया जाएगा।

शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम
दिन भर के कार्यक्रमों के बाद शाम को प्रेक्षागृह में रंगारंग सांस्कृतिक संध्या होगी। इसमें स्थानीय कलाकार गीत, संगीत और लोक नृत्य पेश करेंगे, जिससे पूर्णिया की संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।

कब से मनाया जा रहा है स्थापना दिवस
पूरनिया जिला स्थापना दिवस मनाने की शुरुआत साल 2008 से हुई थी। साल 2007 में बनी एक टीम ने इतिहास से जुड़े तथ्यों की जांच की थी और उसी के आधार पर 14 फरवरी को स्थापना दिवस तय किया गया। जिला प्रशासन ने इस मौके पर सभी लोगों को बधाई दी है और जिले की शांति, तरक्की और विकास के लिए मिलकर आगे बढ़ने की बात कही है।

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