
हरियाणा में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम और भक्ति भाव से मनाया जा रहा है। राज्य भर में शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जहां भक्त “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों से माहौल गूंज रहा है। फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि पर पड़ने वाला यह पावन पर्व 15 फरवरी 2026 (रविवार) को मनाया जा रहा है, जिसमें मुख्य पूजा और निशिता काल की आराधना रात में हो रही है। भक्त व्रत रखकर शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग आदि अर्पित कर मनोकामनाएं मांग रहे हैं।
कुरुक्षेत्र में उत्साह चरम पर है। संगमेश्वर महादेव मंदिर अरुणाय में विशेष रूप से 56 हजार लीटर गंगाजल से महादेव का अभिषेक किया जा रहा है, जहां हरियाणा के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में पार्किंग, भंडारे और अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। दुखभंजन महादेव, सर्वेश्वर महादेव, श्री मारकंडेश्वर महादेव सहित अन्य शिवालयों में भी भक्तों की भीड़ है। शहर और ग्रामीण इलाकों में शोभायात्राएं निकल रही हैं, जबकि बाबैन में दो दिवसीय कुश्ती दंगल भी शुरू हो गया है। मंदिरों के आसपास मेले जैसा माहौल है, जहां भंडारे लगे हैं और शिव भजनों पर श्रद्धालु झूम रहे हैं।
रोहतक में भी महाशिवरात्रि की धूम मची हुई है। किलोई के प्राचीन शिव मंदिर में मेला लगाया गया है, जहां दूर-दूर से भक्त पहुंच रहे हैं। वैश्य कॉलेज रोड स्थित शिव धाम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं, अलग-अलग कतारों में व्यवस्था की गई है। कई भक्त कांवड़ लेकर गंगाजल से अभिषेक कर रहे हैं, और “ओम नमः शिवाय” के मंत्र गूंज रहे हैं।गोहाना में क्षेत्र के मंदिरों में सुबह से भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। प्रसिद्ध नागा बाबा मंदिर में भक्तों ने जल चढ़ाया, बेलपत्र-धतूरा अर्पित किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। कई श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लाकर विधि-विधान से अभिषेक कर रहे हैं। मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयकारों से भक्तिमय बना हुआ है।
टोहाना में रतिया रोड स्थित प्राचीन पंचमुखी शिव मंदिर में जागरण आयोजित किया गया, जिसमें राज्यसभा सांसद सुभाष बराला मुख्य अतिथि रहे। समाजसेवी अनिल मेहता और गोल्डी सिंगला भी मौजूद थे। गायक राज मावर के “मेरा जी लागे से बाबया” गीत पर श्रद्धालु झूम उठे, जिससे माहौल और भक्तिमय हो गया।
नारनौल में प्राचीन मोड़ा वाला मंदिर और छोटा-बड़ा तालाब क्षेत्र में भक्तों को लंबी लाइनों में इंतजार करना पड़ा। सभी शिवालयों में जलाभिषेक का सिलसिला जारी है, और व्रत रखकर पूजा-अर्चना की जा रही है। हरियाणा के विभिन्न जिलों में मंदिरों को रंग-बिरंगी सजावट, फूलों की मालाओं और रोशनी से सजाया गया है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की स्मृति में मनाया जाता है, जो भक्ति, त्याग और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है।



