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यूपीआई की तरह विभिन्न सेक्टर के एआई मॉडल ला रहा भारत

देश के साथ पूरी दुनिया को मुफ्त में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) से जुड़े विभिन्न सोल्यूशन भारत मुहैया कराने जा रहा है। नई दिल्ली में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े एआइ इंपैक्ट समिट 2026 में मंगलवार को इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि हम जल्द ही एआई मिशन 2.0 लांच करने जा रहा हैं। इसमें कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्किलग, एमएसएमई जैसे कई सेक्टर के मॉडल होंगे और भारत की विभिन्न भाषाओं में होंगे।

आगे कहा कि यह ‘बुके’ यूपीआइ प्लेटफार्म की तरह होगा जिन पर सारे सोल्यूशन उपलब्ध होंगे और जरूरत के हिसाब से उनका इस्तेमाल किया जा सकेगा। हमारा उद्देश्य है कि छोटे उद्यमियों के साथ किसान, छात्र, महिला, युवा सभी को उनकी जरूरत के मुताबिक एआई की सुविधा मुफ्त में मिल सके। भारत का यह माडल भरोसेमंद होगा।

वैष्णव ने भारत मंडपम में वेब्स क्रिएटर्स कॉर्नर का भी उद्घाटन किया

वैष्णव ने भारत मंडपम में वेब्स क्रिएटर्स कॉर्नर का भी उद्घाटन किया। एआइ के सकारात्मक उपयोग को लेकर सहमति बनाने की कोशिश वैष्णव ने बताया कि एआइ के सेक्टर में अगले दो वर्षों में 200 अरब डालर का निवेश भी होने जा रहा है। अब तक स्टार्ट अप्स में 70 अरब डालर का निवेश हो चुका है।

उन्होंने कहा कि समिट में भारत यह भी प्रयास कर रहा है कि दुनिया के सभी देशों के बीच एआइ के सकारात्मक इस्तेमाल को लेकर सहमति बनाई जाए। भारत इस दिशा में अपना प्रयास शुरू कर चुका है और पिछले दो दिनों में ढाई लाख से अधिक बच्चों ने इस बात की शपथ ली है कि वे एआइ का गलत इस्तेमाल नहीं करेंगे।

वैष्णव ने कहा कि स्कूल के पाठ्यक्रम में एआई को शामिल किया जा रहा है ताकि बच्चे एआइ की अच्छाई और बुराई दोनों को जान सकें। एआइ सेक्टर में दुनिया का नेतृत्व करने के लिए भारत इससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी पूरा फोकस कर रहा है। इनमें मुख्य रूप से क्लीन एनर्जी की उपलब्धता है। समिट में भारत दुनिया के सभी देशों के लिए एआइ की सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर एक सहमति पत्र तैयार कर रहा है।

“हमारा उद्देश्य है कि छोटे उद्यमियों के साथ किसान, छात्र, महिला, युवा सभी को उनकी जरूरत के मुताबिक एआई की सुविधा मुफ्त में मिल सके। भारत का यह मॉडल भरोसेमंद होगा।” – अश्विनी वैष्णव, आइटी मंत्री

“नेटफ्लिक्स जैसे ओटीटी को कंटेंट बनाने में भारत की संस्कृति का रखना होगा ख्याल”

वैष्णव ने कहा कि नेटफ्लिक्स व अन्य ओटीटी प्लेटफार्म को कंटेंट बनाने के दौरान भारत की संस्कृति का भी ख्याल रखना होगा। कई ऐसी चीजें हैं जो एक देश में स्वीकार्य है, लेकिन वही चीज दूसरे देश में वर्जित है।

ओटीटी प्लेटफार्म को किसी भी विदेशी इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म को भारत के वैधानिक फ्रेमवर्क से जुड़े नियमों का अनुसरण करना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि डीपफेक वीडियो पर और सख्ती की जरूरत है। इस बारे में हम इंडस्ट्री के साथ संवाद कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि भारत भी इंटरनेट मीडिया के इस्तेमाल को लेकर एक निश्चित आयु निर्धारित करने पर विचार कर रहा है। अभी विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ इस पर विचार किया जा रहा है कि इसका क्या सही तरीका हो सकता है। कई देशों ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को इंटरनेट मीडिया प्लेटफा‌र्म्स के इस्तेमाल पर रोक लगा दिया है।

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