कारोबार

जेपी एसोसिएट्स के बाद बिकने जा रहा ‘गुप्ता पावर’ का कारोबारी साम्राज्य

गुप्ता पावर इंफ्रास्ट्रक्चर, ₹4,240 करोड़ के कर्ज में डूबी और यह नीलाम होने जा रही है। जिंदल पावर, वेदांता और हैवल्स इंडिया समेत 22 उद्योगपतियों ने इसके अधिग्रहण में रुचि दिखाई है। कंपनी दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (CIRP) से गुजर रही है। रेजोल्युशन प्लान जमा करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी है।

जयप्रकाश एसोसिएट्स (JP Asscociates) के बाद कर्ज में डूबी एक और कंपनी अब नीलाम होने जा रही है, और इसे खरीदने के लिए देश के ताकतवर 22 उद्योगपतियों ने रुचि दिखाई है। दरअसल, गुप्ता पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के अधिग्रहण के लिए जिंदल पावर, वेदांता और हैवल्स इंडिया समेत 22 संभावित बोलीदाताओं ने रुचि पत्र (EoI) पेश किए हैं। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, इस कंपनी ने ₹4,240 करोड़ के देनदारों के दावों को स्वीकार किया है और दिवालियापन की कार्यवाही से गुजर रही है।

केबल, वायर रॉड और कंडक्टर बनाने वाली यह कंपनी कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (CIRP) के तहत चल रही है।

और कौन-कौन बड़े खरीदार लिस्ट में?
गुप्ता पावर को खरीदने के लिए अन्य इच्छुक बोलीदाताओं में अल्ट्राटेक सीमेंट, वारी एनर्जीज, टोरेंट इलेक्ट्रिकल्स और हिमाद्री स्पेशलिटी केमिकल, उड़ीसा मेटालिक्स और एबीसीआई इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। रेजोल्युशन प्लान जमा करने की आखिरी तारीख 20 फरवरी है।

कुछ बोलीदाता कंसोर्टियम साझेदारों के रूप में आए हैं। करमतारा इंजीनियरिंग, कैबकॉन इंडिया, ट्रांसरेल लाइटिंग, टीटागढ़ रेल सिस्टम्स और जेएसके इंडस्ट्रीज सहित इंजीनियरिंग और विनिर्माण कंपनियों ने प्रस्ताव जमा किए हैं।

क्या है गुप्ता पावर?
गुप्ता पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (जिसे गुप्ता पावर के तौर पर जाना जाता है) बैंक लोन पर बड़े डिफॉल्ट की वजह से दिवालिया हो गई है और इन्सॉल्वेंसी प्रोसिडिंग्स में गई है। इसके बाद कंपनी को इंडिया के इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में शामिल किया गया।

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी), कोलकाता बेंच ने 26 सितंबर, 2025 को केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक संघ द्वारा दायर दिवालियापन याचिका को स्वीकार कर लिया और प्रदीप कुमार काबरा को अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) के रूप में नियुक्त किया।

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