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फरीदाबाद अग्निकांड: दूसरों की जान बचाते खुद मौत की आगोश में समा गए कैथल के SI रवि कुमार

फरीदाबाद के गांव मुजेसर स्थित फैक्ट्री में हुए अग्निकांड में झुलसे क्योड़क के पुलिस सब इंस्पेक्टर रवि कुमार की शनिवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। वे सफदरजंग अस्पताल दिल्ली में उपचाराधीन थे। सब इंस्पेक्टर रवि कुमार कैथल के गांव क्योड़क के रहने वाले थे।

वे करीब चार साल पहले पुलिस में भर्ती हुए थे। इस समय उनकी ड्यूटी मुजेसर थाने में थी। घटना वाले दिन उनके पास स्टेशन ड्यूटी ऑफिसर का प्रभार था। रवि ने अपनी जान की परवाह न करते हुए दूसरों की जिंदगी को बचाने के लिए अपना बलिदान दे दिया।

रवि की मौत की खबर जैसे ही परिवार व गांव में पहुंची तो मातम छा गया। चचेरी बहन की शादी के चलते परिवार के कुछ सदस्यों को ही इसकी जानकारी दी गई। सूचना मिलने पर पिता व भाई फरीदाबाद पहुंचे। रवि के स्वजनों का कहना है कि बेटे के जाने से पूरी दुनिया ही उजड़ गई है।

10 माह पहले हुई थी रवि की शादी
मृतक रवि कुमार की शादी दस महीने पहले ही हुई थी। पत्नी सात माह की गर्भवती है। शनिवार को रवि कुमार के सगे चाचा की लड़की की बारात गांव में आई हुई थी। इस कारण परिवार के लोगों को उसकी मौत की जानकारी नहीं दी गई थी।

परिवार को यही कहा गया था कि अभी इलाज चल रहा है। रवि के पिता नवाब सिंह हैं और छोटा भाई शीलू और माता रोशनी देवी हैं। रवि के सहारे ही परिवार का गुजारा हो रहा था। छोटा भाई पढ़ाई पूरी करने के बाद कोचिंग ले रहा है।

रवि के चाचा रोहताश ने बताया कि परिवार में शादी होने के कारण किसी को उसकी मौत के बारे में नहीं बताया गया है। रविवार सुबह रवि का शव गांव में आएगा और उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। रवि बहुत ही मिलनसार था और ड्यूटी के प्रति पूरा ईमानदारी से काम करता था।

हादसे की सूचना मिलने ही रवि कुमार मौके पर पहुंच गए थे। अपनी जान की चिंता किए बिना वहां फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू कर दिया था।

तभी फैक्ट्री में केमिकल से भरा ड्रम फट गया था और उसमें रवि कुमार भी गंभीर रूप से झुलस गया था। रवि ने दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए अपना बलिदान दिया है।

दिहाड़ी-मजदूरी करता है पिता
करीब चार साल पहले रवि पुलिस में भर्ती हुआ था। रवि के भर्ती होने के बाद परिवार काफी खुश था। खुशी-खुशी परिवार के लोग अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे।

रवि के माता-पिता घर में नन्हें मेहमान के आने की खुशी में काफी उत्साहित थे, लेकिन परिवार के लोगों का क्या पता था कि बच्चे के दुनिया में आने से पहले ही पिता रवि पत्नी, भाई व माता-पिता को छोड़कर चला जाएगा।

रवि के पिता दिहाड़ी-मजदूरी का काम करते हैं। बेटे की मौत से पिता व भाई सहित पूरे परिवार सदमें डूबा हुआ है।

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