
दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने पंजाब सरकार के अतिरिक्त मुख्य गृह सचिव, पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और जालंधर के पुलिस आयुक्त को समन जारी किया है। समिति ने तीनों अधिकारियों को 27 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। समन सदन की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली के तहत जारी किए हैं।
मामला नेता प्रतिपक्ष आतिशी से संबंधित कथित टिप्पणियों के विशेषाधिकार हनन से जुड़ा है। समिति ने इसी विषय पर विचार-विमर्श के लिए 27 फरवरी को बैठक तय की है। सचिवालय ने पंजाब के अधिकारियों की ओर से दाखिल लिखित जवाबों को रिकॉर्ड पर ले लिया है, जिनकी बैठक में विस्तार से जांच की जाएगी। समिति ने इससे पहले अधिकारियों को 20 फरवरी तक अपना लिखित उत्तर देने का निर्देश दिया था। इसे अंतिम अवसर माना गया था। समिति ने खास तौर पर उस मूल शिकायत की प्रति मांगी है, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज हुई, साथ ही एफआईआर की कॉपी और मामले में भरोसा की गई तकनीकी व फोरेंसिक रिपोर्ट भी तलब की है।
तीनों अधिकारियों को आना ही पड़ेगा
इस बीच, समिति के सभापति ने यह भी नोट किया है कि पंजाब सरकार के महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) की राय में दिल्ली विधानसभा द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं का स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। एडवोकेट जनरल की राय की पूरी प्रति भी 27 फरवरी तक मांगी गई है। समिति ने स्पष्ट किया है कि तीनों अधिकारियों को जारी समन का पालन करना होगा और उन्हें निर्धारित तिथि पर उपस्थित होना अनिवार्य है।




