ठाणे के बदलापुर में ओवरी तस्करी रैकेट का भंडाफोड़

ठाणे जिले का बदलापुर स्कूली बच्चियों के यौन शोषण मामले के बाद महिलाओं की ओवरी की तस्करी को लेकर फिर चर्चा में है। पुलिस ने एक ऐसे रैकेट का भंडाफोड़ किया है जो जरूरतमंद महिलाओं को पैसे का लालच देकर उनसे ओवरी की तस्करी कर रहा था। इस मामले में मुख्य मास्टरमाइंड समेत तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार रैकेट बदलापुर के जोवेली इलाके के नैनो सिटी की एक बिल्डिंग में चल रहा था। बदलापुर ग्रामीण हॉस्पिटल की टीम और चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. ज्योत्सना सावंत की मदद से यह कार्रवाई की। आरोप है कि मुख्य मास्टरमाइंड सुलक्षणा गाडेकर के घर से ही ओवरी रैकेट चलता था। पुलिस के मुताबिक, यह गैंग पैसे की तंगी से जूझ रही जरूरतमंद महिलाओं पर जासूसी करता था और उन्हें 25,000 से 30,000 रुपये का लालच देता था।
आरोप है कि सुलक्षणा गाडेकर बिना डॉक्टरी सलाह लिए खुद महिलाओं के यूट्रस में एग्स बढ़ाने का इंजेक्शन लगाती। एग्स बढ़ने के बाद महिलाओं को कुछ आईवीएफ सेंटर में भेजा जाता था, जहां डॉक्टरों की मदद से एग्स निकालकर बेच दिए जाते थे। पुलिस को आरोपी सुलक्षणा गाडेकर के मोबाइल फोन में चौंकाने वाले सबूत मिले हैं। इसमें महिलाओं के गलत नामों के एफिडेविट और सोनोग्राफी रिपोर्ट मिली हैं। एग्स बेचने से जुड़े पैसों के लेन-देन के फोटो और मैसेज हैं। पुलिस को मौके पर प्रेगनेंसी और एग्स बढ़ाने का संदिग्ध इंजेक्शन भी मिला है। उल्हासनगर परिमंडल 4 के पुलिस उपायुक्त सचिन गोर ने आशंका जताई है कि अब तक 20 से अधिक महिलाओं का इस्तेमाल किया गया है।
इन्हें किया गया गिरफ्तार
इस मामले में सुलक्षणा गाडेकर (44), अश्विनी चाबुक्सवार (29) और मंजूषा वानखेड़े (46) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को रैकेट में आईवीएफ सेंटर सहित कुछ बड़े डॉक्टरों के शामिल होने का संदेह है जिसकी जांच जारी है।




