T20 World Cup के Super-8 के नियमों पर मचा बवाल

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ‘सुपर-8’ के ग्रुप जैसे ही सामने आए, सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। लोग आईसीसी (ICC) के नियमों पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन भारत के दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने आईसीसी का बचाव किया है और आलोचना करने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया है।
T20 World Cup Super 8 के नियमों पर क्यों छिड़ा विवाद?
दरअसल, आईसीसी ने इस बार ‘प्री-सीडिंग’ नाम का एक नियम रखा था। इस नियम की वजह से ग्रुप स्टेज में अपने सभी मैच जीतने वाली चारों टीमें (भारत, जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका) एक ही ग्रुप में आ गईं।
इसे ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ कहा जा रहा है क्योंकि अब सबसे अच्छा खेलने वाली टीमें ही आपस में भिड़कर एक-दूसरे को बाहर करेंगी। वहीं दूसरे ग्रुप में वे टीमें हैं जो दूसरे नंबर पर रही थीं। लोग कह रहे हैं कि यह उन टीमों के साथ गलत है जिन्होंने ग्रुप स्टेज में टॉप किया।
Sunil Gavaskar ने जताई नाराजगी
गावस्कर ने इन सवालों पर नाराजगी जताते हुए इंडिया टुडे से बातचीत में कहा,
ये सवाल अब क्यों उठाए जा रहे हैं? जब टूर्नामेंट शुरू हुआ था, तब किसी ने कुछ क्यों नहीं बोला? जो लोग अब सवाल उठा रहे हैं, उनसे पूछा जाना चाहिए कि वे पहले चुप क्यों थे।
–
सुनील गावस्कर
उन्होंने आगे कहा,
इंटरनेशनल ट्रैवल, इमिग्रेशन और कस्टम्स, इन सबी चीजों का ध्यान रखना होता है। एयरलाइन और होटल बुकिंग का सवाल भी है, हर टीम एक जैसे लोगों के साथ ट्रैवल नहीं करती। कुछ टीमें 15 लोगों की सपोर्ट स्टाफ टीम के साथ ट्रैवल करती हैं, इसलिए शायद उन्हें 35-40 कमरों की जरूरत होती है। कुछ टीमें कुल मिलाकर 20-22 लोगों के साथ ट्रैवल कर सकती हैं, इसलिए उन्हें कम कमरों की जरूरत हो सकती है। इन सभी चीजों का ध्यान रखना होता है और शायद यही वजह है कि प्री-सीडिंग हुई।
–
सुनील गावस्कर
इतना ही नहीं, गावस्कर ने समझाया कि आईसीसी के लिए इतने बड़े टूर्नामेंट का इंतजाम करना आसान नहीं होता, खासकर जब मैच दो देशों (भारत और श्रीलंका) में टूर्नामेंट खेला जा रहा हो।



